बरौनी रिफाइनरी में भारी बवाल, मजदूरों पर लाठीचार्ज, इलाके में तनाव

बेगूसराय के बरौनी रिफाइनरी परिसर के मुख्य गेट संख्या-1 के बाहर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों और परिजनों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 08, 2026, 11:02:00 AM

बेगूसराय के बरौनी रिफाइनरी परिसर के मुख्य गेट संख्या-1 के बाहर एक ठेका मजदूर की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार को उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शन कर रहे मजदूरों और परिजनों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, ठेका मजदूर श्याम सुंदर पाठक ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि संबंधित ठेका कंपनी ने पहले लगभग 17 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया। 

परिजनों का कहना है कि केवल आंशिक भुगतान किया गया, जबकि शेष राशि और एक आश्रित को नौकरी देने की मांग अब भी अधूरी है। इसी मांग को लेकर मृतक के परिजन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में ठेका मजदूरों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

प्रदर्शनकारियों ने रिफाइनरी के कई प्रवेश द्वारों को जाम कर दिया, जिससे आवागमन और कामकाज प्रभावित हुआ। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। प्रशासन का कहना है कि रास्ता खाली कराने की कोशिश के दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया।

लाठीचार्ज के बाद मजदूरों और परिजनों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय बल प्रयोग किया गया। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

फिलहाल रिफाइनरी गेट के बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। मुआवजा, आश्रित को नौकरी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। प्रशासन और संबंधित कंपनी की ओर से वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

बेगूसराय से अजय शास्त्री की रिपोर्ट