कोईलवर/आरा : सोन नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर कोईलवर में बुधवार दोपहर करीब दो बजे से गुरुवार की भोर ढाई बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। करीब साढ़े 12 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोग हलकान रहे और पूरा इलाका अंधकारमय बना रहा। इस दौरान स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग बिजली विभाग के अधिकारियों को लगातार फोन करते रहे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
नीचे से गुजर रहे थे लो व हाईटेंशन तार
इस बाबत कोईलवर थानाध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल और अंचलाधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कोईलवर के गौरैया स्थान घाट स्थित विसर्जन स्थल के आसपास बिजली के लो टेंशन और हाईटेंशन तार काफी नीचे से गुजर रहे थे। आरा शहर समेत अन्य इलाकों से कई प्रतिमाओं को ऊंचे वाहनों पर रखकर लाया गया था।
वहीं, कई प्रतिमाओं का आकार भी काफी ऊंचा था। ऐसे में प्रतिमाओं को घाट तक लाने और विसर्जन के दौरान बिजली के तारों के संपर्क में आने का खतरा बना हुआ था। इसी को देखते हुए एहतियातन बिजली आपूर्ति बाधित रखी गई। अधिकारियों के अनुसार, जबतक प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा, तबतक बिजली आपूर्ति बंद रखी गई, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
पहले निरीक्षण के बावजूद तारों को व्यवस्थित नहीं करने पर उठाए सवाल
वहीं, प्रशासन के इस तर्क पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि कोईलवर के गौरैया घाट स्थित प्रतिमा विसर्जन स्थल का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों ने पहले ही जायजा लिया था। इस दौरान विसर्जन के समय किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए एहतियाती उपाय करने के निर्देश भी दिए गए थे।
इसके बावजूद बिजली के तारों को व्यवस्थित नहीं कराया जा सका। स्थानीय लोगों ने इसे संबंधित विभाग की लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि पहले से ही जरूरी इंतजाम कर लिए गए होते तो विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए इतने लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रखने की नौबत नहीं आती। लोगों का कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए था।
आरा से दीपक गुप्ता की रिपोर्ट