पुलिस जांच के बीच भरत तिवारी की मां का बड़ा ऐलान, बहन ने भी कह दिया..अब तो...

भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार ने न्याय की लड़ाई तेज कर दी। मृतक भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगी।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 05, 2026, 12:05:00 PM

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार की सियासत में घमासान मचा हुआ है। एक तरफ पुलिस की जांच जारी है। वहीं दूसरी तरफ भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार ने न्याय की लड़ाई तेज कर दी। मृतक भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगी। परिवार ने सरकार के सामने अपनी 5 प्रमुख मांगें रखीं। आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी तक भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। परिवार का आरोप है कि अब तक न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

भरत तिवारी के परिवार की ओर से रविवार को अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। भरत तिवारी की मां आशा देवी और बहन रुबी देवी ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आशा देवी 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनकी मां आशा देवी भूख हड़ताल जारी रखेंगी।

भरत तिवारी की बहन रुबी देवी ने कहा कि उनकी पहली मांग एनकाउंटर मामले में जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर परिवार आरोप लगा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनकी मां आशा देवी भूख हड़ताल जारी रखेंगी। रुबी देवी का आरोप है कि गांव के कई निर्दोष लोगों पर पुलिस ने झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि गांव के 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। परिवार ने इन मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है।

वहीं दूसरी तरफ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच जारी है। मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) पुलिस इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने आधिकारिक रूप से जांच शुरू करते हुए मृतक के परिवार से पूछताछ की है। उन्होंने गांव पहुंचकर भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, मां आशा देवी और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए। पुलिस अब घटनाक्रम के हर पहलू की गहन जांच में जुट गई है।

बता दें कि 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस और भरत भूषण तिवारी के बीच हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा के तहत पुलिस ने गोली चलाई। इसी कार्रवाई में उसकी मौत हुई। हालांकि, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि  भरत तिवारी ने गोली लगने से पहले ही अपना हथियार फेंक दिया था और इसके बावजूद उस पर गोली चलाई गई।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भरत तिवारी के शरीर में पांच गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच आयोग भी इस मामले की जांच कर रहा है।