कोई ट्राई साइकिल तो कोई पेंशन से वंचित, विभाग से उपेक्षित दर्जनों दिव्यांग पहुंचे डीएम ऑफिस

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं स्वालंबन के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर चाहे कितने भी दावे किए जाएं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। आज भी रोहतास जिले में दर्जनों ऐसे दिव्यांगजन हैं, जो सरकारी योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित हैं। इन्हें ना तो पेंशन मिल रही है और ना हीं राशन कार्ड, सहायक उपकरण, स्कॉलरशिप, मोटर चालित साइकिल आदि का लाभ मिला है।
दरअसल शुक्रवार को विभागीय उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर जिले के दर्जनों दिव्यांगजन अपनी मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। दिव्यांग जनों का प्रतिनिधित्व कर रहे शिव शंकर मयंका ने बताया कि वे लंबे समय से दिव्यांगजनों की समस्याओं को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं। जिले में कई ऐसे दिव्यांग हैं, जिन्हें वर्षों से दिव्यांगता पेंशन, राशन कार्ड, छात्रवृत्ति और सहायक उपकरणों से वंचित रखा गया है। इसके अलावा कई ऐसे दिव्यांग हैं, जो चल फिर नहीं सकते, लेकिन इन्हें भी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। सरकार की उपेक्षा के कारण इनका जीवन काफी कष्ट दायक है।
इस दौरान जिला समाहरणालय पहुंचे दर्जनों दिव्यांग जनों ने नये जिलाधिकारी से मिलकर उनका स्वागत किया और न्याय की गुहार लगाई। इन्होंने डीएम को एक ज्ञापन देकर सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने, पेंशन चालू करने और आवश्यक सहायक उपकरण अविलंब उपलब्ध कराने की मांग की है। दिव्यांगजनों ने बताया कि जिले को एक नए जिलाधिकारी मिले हैं, जिनसे उन्हें काफी उम्मीदें हैं। बता दें कि जिले में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को लेकर समाजिक सुरक्षा विभाग के दावों की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है।
सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट













