महंगाई का जोरदार झटका, पेट्रोल 349 रुपये प्रति लीटर, डीजल ₹370 के पार

आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹349 प्रति लीटर हो गई है। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत अब ₹374.31 प्रति लीटर पर पहुंच गई।

आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पाकिस्तान में   सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के दाम फिर बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल के दाम ₹2.84 प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल के दाम ₹2.28 प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। बढ़ी हुई नई कीमतें 4 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं। पाकिस्तान में  पेट्रोल ₹2.84 प्रति लीटर महंगा होकर ₹349 प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल की कीमत ₹2.28 बढ़कर ₹374.31 प्रति लीटर पहुंच गई है। 

सरकार की नई घोषणा के बाद पेट्रोल के दाम ₹2.84 प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल के दाम ₹2.28 प्रति लीटर बढ़ गए हैं। अब पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹349 प्रति लीटर हो गई है। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत अब ₹374.31 प्रति लीटर पर पहुंच गई।   सरकार पेट्रोल पर करीब ₹114 प्रति लीटर और डीजल पर ₹100 प्रति लीटर टैक्स और ड्यूटी वसूल रही है।  ईंधन की कीमतों में लगातार बदलाव का असर सीधे आम लोगों के सफर और सामान की ढुलाई की लागत पर पड़ सकता है। 

ईंधन की कीमतों में इस साल काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की वजह इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ रहे दाम को बताया जा रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।  

हाई स्पीड डीजल की कीमत फरवरी के अंत में करीब ₹281 प्रति लीटर थी।   इसके बाद इसमें लगातार तेजी आई और 3 अप्रैल को यह ₹520.35 प्रति लीटर के रिकॉर्ड लेवल तक पहुंच गया था।  वहीं पेट्रोल की कीमत भी मार्च के शुरुआती दिनों में करीब ₹266 प्रति लीटर थी।  इसके बाद बढ़ते-बढ़ते 3 अप्रैल को ₹458.41 प्रति लीटर तक पहुंच गई थी।   

पाकिस्तान सरकार ने जुलाई में घोषणा की थी कि इंटरनेशनल मार्केट में तेजी से होने वाले बदलाव को देखते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम रोजाना तय किए जाएंगे।  इससे पहले मार्च की शुरुआत से कीमतों में आमतौर पर वीकली बदलाव किया जा रहा था। पेट्रोल महंगा होने का सीधा असर निजी वाहन चलाने वालों पर पड़ता है।  कार, बाइक, रिक्शा और छोटे वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों का रोजाना आने-जाने का खर्च बढ़ सकता है। डीजल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता. ट्रक, बस और दूसरे मालवाहक वाहनों में डीजल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।