पडोसी देश नेपाल में आयी विनाशकारी बाढ़ के बाद जैसे जैसे राहत व बचाव कार्य बढ़ते जा रहे हैं, वैसे वैस इस विनाशकारी बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इस विनाशकारी आपदा के कारण अब तक सैकडों लोगों की मौत होने और हजारों के अभी भी लापता होने की खबर है।
अंतराष्ट्रीय रिपोर्टस के अनुसार इस भयानक जल प्रलय के बाद रविवार तक नेपाल और तिब्बत को मिलाकर कुल मृतक संख्या बढ़कर 903 हो गई है। जबकि दोनों ही देशों में तीन हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार नेपाल में लापता लोगों में 550 से ज्यादा विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय की तरफ से रविवार को यह जानकारी दी गयी कि नेपाल में 149 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। जबकि बीते शनिवार की रात जारी लापता लोगों की ताजा सूची में 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने और भारतीय मूल के 128 लोगों से संपर्क न हो पाने की बात कही गई थी।
खबर यह भी है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 22 यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें लगी हुई हैं। नेपाल के गजुरी गांव पालिका में कई भारतीय पर्यटक अभी भी फंसे हुए हैं। इस भयानक त्रासदी के बीच भारत ने राहत सामग्री से भरी चौथी उडान को नेपाल भेजा है। इसमें रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली चीजों के साथ अन्य सामान शामिल हैं।
बता दें कि नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटना 26 अगस्त 2026 की सुबह हुई थी। नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने और भारी बारिश के कारण ल्हेन्दे खोला और भोटे कोशी नदियों में भयानक बाढ़ आ गई, जिससे भारी तबाही हुई। शुरू में इस तबाही की खबरें सीमित आ रही थी लेकिन वक्त गुजरने के साथ सामने आया कि इस त्रासदी ने सबको झकझोर कर रख दिया है।