वाराणसी: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने बुधवार को यूपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में निषाद आरक्षण के मुद्दे पर हुंकार भरते हुए पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश के 10 जिलों से आए पार्टी के जिला पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश एवं राष्ट्रीय कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बैठक में हिस्सा लिया।
वाराणसी पहुंचने पर मुकेश सहनी का पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और उत्साह के माहौल में हुई समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश में चलाए जा रहे ‘हर घर संकल्प अभियान’ समेत आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सहनी ने पदाधिकारियों से अभियान को गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक निषाद परिवारों को इससे जोड़ने का आह्वान किया।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सहनी ने कहा कि वीआईपी निषाद समाज के अधिकार और आरक्षण के लिए आंदोलन लेकर उत्तर प्रदेश में आई है। ‘हर घर संकल्प अभियान’ का मुख्य उद्देश्य दिल्ली और लखनऊ की सरकारों पर निषाद समाज को आरक्षण देने तथा मझवार आरक्षण लागू करने के लिए दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिया गया तो गांव-गांव जाकर करीब 25 लाख निषाद समाज के लोगों को हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प दिलाया जाएगा कि आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान 2 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव और ब्लॉक स्तर पर जाकर करीब 500 वीडियो बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
सहनी ने कहा कि हर चुनाव में राजनीतिक दल निषाद समाज के किसी एक व्यक्ति को साथ लेकर समाज का वोट हासिल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार समाज अपने अधिकार के लिए खुद निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि अब निषाद समाज केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपने अधिकार का ठोस समाधान चाहता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अभियान को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पहले आंदोलन खड़ा किया जा रहा है और इसके बाद राजनीतिक रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। सहनी ने डॉ. संजय निषाद को छह महीने का समय देते हुए कहा कि वे इस अवधि में निषाद समाज को आरक्षण दिलाएं। यदि सत्ता में रहकर यह संभव नहीं है तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर विपक्ष की राजनीति में आना चाहिए।
मुकेश सहनी ने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद आरक्षण के मुद्दे पर उनके साथ आते हैं तो वीआईपी उनके पीछे खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि वीआईपी पहले से इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और आरक्षण के सवाल पर उसका रुख स्पष्ट है। निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिलने तक भाजपा के साथ न तो कोई समझौता होगा और न ही समर्थन। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से अपना रुख स्पष्ट करने की अपील करते हुए कहा कि केवल बयान देने से नहीं, बल्कि सत्ता छोड़कर समाज के साथ खड़े होने से उनकी प्रतिबद्धता साबित होगी। सहनी ने कहा कि यदि वे आरक्षण के लिए स्पष्ट संकल्प लेते हैं, तो वीआईपी उनके साथ खड़ी रहेगी और निषाद समाज के अधिकार की लड़ाई को पूरी ताकत से आगे बढ़ाया जाएगा।