देश के अहम राज्यों में शुमार होने वाले और केंद्र की सत्ता में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य उत्तर प्रदेश में हालांकि अभी विधानसभा चुनाव को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन सत्तारूढ बीजेपी और विशेष रूप से सीएम योगी आदित्यनाथ एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। सीएम ने पिछले दो माह में राज्य के कम से कम सौ से ज्यादा विधानसभा में अपनी पहुंच बनायी है।
राज्य की राजनीति के लिहाज से मिली इस अहम जानकारी के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दो माह में गाजियाबाद, आगरा, बिजनौर, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी के साथ ही राज्य के सभी अहम क्षेत्रों का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने इन क्षेत्रों के विधानसभा में जनसभाएं की हैं साथ ही समीक्षा बैठकों को आयोजन किया है। उन्होंने इन क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की है साथ ही बडी संख्या में विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास भी किया है। उन्होंने वरीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की है।
योगी आदित्यनाथ ने न केवल राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया बल्कि वह पार्टी की संगठनात्मक मीटिंग, विभिन्न प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात और लॉ एंड ऑर्डर को लेकर भी सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने लगातार अपनी सक्रियता को बनाए रखा।
वहीं अगर राज्य के दूसरे राजनीतिक दलों को देखा जाए तो प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी और बसपा की गतिविधियां बीजेपी की तुलना में काफी कम है। बसपा सुप्रीमो और पूर्व सीएम मायावती ने हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आकाश आनंद को बडी जिम्मेवारी देने की तैयारी कर रखी है लेकिन प्रदेश स्तर पर पार्टी की सक्रियता बीजेपी की तुलना में कम दिखायी दे रही है। वहीं प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की तरफ से भी फिलहाल उस स्तर की तैयारी नहीं दिख रही है, जैसी बीजेपी और विशेष रूप से योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। बीजेपी की तुलना में इन दोनों ही दलों की जमीनी स्तर पर सक्रियता तुलनात्मक रूप से कम दिखायी दे रही है।
राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपनी रणनीति पर कार्य कर रही हैं, लेकिन जिस तरीके से योगी आदित्यनाथ कार्य कर रहे हैं। उस लिहाज से वह अन्य राजनीतिक दलों को मात देते हुए नजर आ रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट