UP में निशांत की JDU की एंट्री आसान नहीं, राह में ओमप्रकाश राजभर की चुनौती

उत्तर प्रदेश की राजनीति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे और बयानों को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे और बयानों को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एनडीए के भीतर छोटे दलों की अपनी मांगें या आवाज उठाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्षी दलों के विपरीत एनडीए पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर एनडीए की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने का मन बना चुकी है।

पीयूष मिश्रा ने NDA गठबंधन को लेकर परिपक्वता की अपील 

राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और टीवी बहसों के माध्यम से सत्ता पक्ष और सहयोगी दलों के नेताओं को भी सलाह दी कि वे राजनीतिक बयानों में परिपक्वता दिखाएं ताकि गठबंधन के भीतर किसी भी प्रकार की अनावश्यक बयानबाजी को रोका जा सके। 

JDU पार्टी के कर्ताधर्ता इस समय कौन है, मुखिया कौन हैं इस बात को भी मंत्री निशांत को कंफर्म करना चाहिए - पीयूष मिश्रा

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इस पर राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने कहा क्या यह बयान उनके मुखिया का है ये देखने वाली बात होगी। जदयू पार्टी के कर्ताधर्ता इस समय कौन है और मुखिया कौन हैं इस बात को भी मंत्री निशांत को कंफर्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों को लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार है उनका भी स्वागत है। पीयूष मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एनडीए के सहयोगी दलों ने जो मेरे साथ बिहार में किया वहीं हाल एनडीए बिहार के सहयोगी दलों के साथ भी करें। 

मंत्री निशांत एक बार UP का कर चुके हैं दौरा

वहीं बिहार में एनडीए गठबंधन का हिस्सा जनता दल यूनाइटेड (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी की पार्टी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने की बात खुलकर कह रही है। इसी बीच जदयू के नेता व सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी एक बार उत्तर प्रदेश का दौरा कर चुके हैं और आने वाले दिनों में भी वह यूपी का दौरा कर सकते हैं। वहीं यूपी में जदयू की एंट्री आसान होने वाली नहीं है। उनके पार्टी के राह में ओमप्रकाश राजभर की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।