बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन इन दिनों क्रिकेट में धमाल मचा रहे हैं। सार्थक रंजन इस समय दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की ओर से खेल रहे हैं। वह इस टीम के कप्तान भी हैं। सार्थक रंजन डीपीएल में तूफानी फॉर्म में हैं और जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को पुरानी दिल्ली के खिलाफ मैच में सलामी बल्लेबाज सार्थक रंजन ने 37 गेंदों पर 59 रन बना दिए, जिसमें 7 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। मौजूदा डीपीएल सीजन में सार्थक ने लगातार पांचवां अर्धशतक जड़ा है। बता दें कि सार्थक की मां रंजीत रंजन भी राज्यसभा सांसद हैं।
सार्थक रंजन ने डीपीएल 2026 में 64, 95, 65, 57 और 59 रन बनाए हैं। यानी वो पांच मैचों में 340 रन बना चुके है। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 170.85 और औसत 68.00 रहा है। इस दौरान सार्थक ने 21 छक्के और 32 चौके लगाए हैं। सार्थक रंजन 340 रन के साथ डीपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली की लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं, जबकि पहले स्थान पर यश ढुल हैं जिन्होंने 7 मैचों में 341 रन बनाए हैं। हालांकि सार्थक महज एक रन से ही पीछे हैं। ऐसे में संभावना है कि सार्थक रंजन ने डीपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली की लिस्ट में टॉप पर पहुंच सकते हैं।
सांसद पप्पू यादव के बेटे 29 वर्षीय सार्थक ने टूर्नामेंट में अब तक जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उनका नाम चर्चा में ला दिया है। सार्थक रंजन के शानदार फॉर्म को लेकर फैन्स के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि क्या सार्थक को टीम इंडिया में एंट्री मिलेगी? सार्थक ने अपने शानदार प्रदर्शन से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दिल्ली प्रीमियर लीग के इस सीजन में उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि वह केवल एक एक स्टार किड नहीं हैं। उनके बल्ले में वो दम है जो बड़े से बड़े गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकता है।
बता दें कि सार्थक रंजन आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडराइर्स का पार्ट हैं। हालांकि पिछले आईपीएल सीजन में उन्हें बेंच पर ही बैठना पड़ा। सार्थक का अब तक आईपीएल डेब्यू नहीं हुआ है। सार्थक सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी खेल चुके हैं। वहीं लिस्ट-ए क्रिकेट विजय हजारे ट्रॉफी और प्रथम श्रेणी रणजी ट्रॉफी में भी खेल चुके हैं। बताते चलें कि 2018 में जब सार्थक को दिल्ली की टी20 टीम में जगह मिली थी तो काफी विवाद हुआ था। उन्हें बिना मैच खेले टीम में शामिल कर लिया गया था जबकि अंडर-23 के टॉप स्कोरर हितेन दलाल को रिजर्व में बैठा दिया गया था।