स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और यादगार दिन समाप्त हुआ। भारत की झोली में एक और गोल्ड आया है। पैरा एथलीट दिलीप महादू गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। जबकि मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ ने सिल्वर मेडल जीता। मुरली श्रीशंकर ने पुरुष लंबी कूद में लगातार दूसरे राष्ट्रमंडल खेलों का रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा भारतीय मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम 10 पदक भी पक्के कर लिए। इन तीन पदकों के साथ भारत का कुल पदक आंकड़ा 15 पहुंच गया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 7वां दिन काफी शानदार रहा जिसमें पैरा एथलेटिक्स में दिलीप गावित ने गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की। दिलीप गावित ने 10.71 सेकेंड के समय के साथ अपने नाम किया, जो गेम्स का रिकॉर्ड और उनका इस सीजन का सबसे अच्छा प्रदर्शन था। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन भारत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अपना कुल पदक आंकड़ा 15 तक पहुंचा दिया। भारत तीन स्वर्ण, नौ रजत और तीन कांस्य के साथ पदक तालिका में आठवें स्थान पर बना हुआ है।
पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया टॉप पर बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 47 स्वर्ण, 21 रजत और 35 कांस्य सहित कुल 103 पदक जीत लिए हैं। कनाडा 14 स्वर्ण, 11 रजत और 14 कांस्य समेत कुल 39 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है। इंग्लैंड 12 स्वर्ण कुल 56 पदकों के साथ वह तीसरे स्थान पर बना हुआ है। मेजबान स्कॉटलैंड नौ स्वर्ण सहित 23 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है। भारत आठवें स्थान पर है, जबकि न्यूजीलैंड और जमैका शीर्ष-10 में शामिल हैं।
बतातें चलें कि भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे अधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा के नाम है। उन्होंने कुल 15 पदक जीते हैं, जिनमें 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए निशानेबाजी सबसे सफल खेल रहा है और इसी खेल से देश को सबसे अधिक पदक मिले हैं। हालांकि, गोल्ड कोस्ट 2018 के बाद से निशानेबाजी को कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रोग्राम में शामिल नहीं किया गया है।
वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नई दिल्ली 2010 में रहा, जब मेजबान टीम ने 39 स्वर्ण, 26 रजत और 36 कांस्य सहित कुल 101 पदक जीतकर पदक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया था। यह अब तक का एकमात्र अवसर है जब भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 100 से अधिक पदक जीते। वहीं, बर्मिंघम 2022 में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था। हालांकि, ग्लासगो 2026 में प्रतियोगिताओं की संख्या कम कर दी गई है। इस बार कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और हॉकी समेत नौ खेलों को कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत के 15 पदक
स्वर्ण पदक (3)
1.मीराबाई चानू, वेटलिफ्टिंग (महिला 48 किग्रा): कुल 190 किग्रा (85 किग्रा स्नैच + 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क)
2.शर्मिला धनखड़, पैरा एथलेटिक्स (महिला शॉट पुट F57): 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो
3.दिलीप महादू गावित–पैरा एथलेटिक्स (पुरुष 100 मीटर T47)
रजत पदक (9)
1.हरजिंदर कौर - महिला 69 किग्रा वेटलिफ्टिंग (सिल्वर)
2.गुलवीर सिंह - पुरुष 10,000 मीटर एथलेटिक्स (सिल्वर)
3.ऋषिकांत सिंह, वेटलिफ्टिंग (पुरुष 60 किग्रा): 121 किग्रा स्नैच
4.मुथुपांडी राजा, वेटलिफ्टिंग (पुरुष 65 किग्रा): कुल 286 किग्रा
5.ज्ञानेश्वरी यादव, वेटलिफ्टिंग (महिला 53 किग्रा): कुल 199 किग्रा
6.वल्लुरी अजय बाबू, वेटलिफ्टिंग (पुरुष 79 किग्रा): कुल 330 किग्रा
7.सर्वेश कुशारे, एथलेटिक्स (पुरुष हाई जंप): 2.25 मीटर
8. मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद) एथलेटिक्स
9.मोहम्मद बासिल (पुरुष 100 मीटर टी47) पैरा एथलेटिक्स
कांस्य पदक (3)
1.झंडू कुमार, पैरा पावरलिफ्टिंग (पुरुष हैवीवेट): 190 किग्रा
2.बिंदियारानी देवी, वेटलिफ्टिंग (महिला 58 किग्रा): कुल 199 किग्रा (87 किग्रा स्नैच + 112 किग्रा क्लीन एंड जर्क)
3.शिल्पा के. शायला, पैरा एथलेटिक्स (महिला शॉट पुट F57)