सीबीएसई ईस्ट जोन स्विमिंग चैंपियनशिप में रूद्र विजय ने जीता कांस्य पदक, लगातार तीसरे साल बढ़ाया जिले का मान

जहानाबाद सीबीएसई ईस्ट जोन स्विमिंग चैंपियनशिप में जहानाबाद के प्रतिभाशाली तैराक रूद्र विजय बाघेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है।

जहानाबाद सीबीएसई ईस्ट जोन स्विमिंग चैंपियनशिप में जहानाबाद के प्रतिभाशाली तैराक रूद्र विजय बाघेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता का आयोजन 22 से 27 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के टूंडला, आगरा स्थित चेतन्या टेक्नो स्कूल में किया गया, जिसमें बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

रूद्र विजय की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वह लगातार तीसरे वर्ष राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल कर रहे हैं। इससे पहले 11 से 13 अगस्त तक स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित स्टेट लेवल चैंपियनशिप में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया था। इस प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने जनवरी 2027 में अहमदाबाद में आयोजित होने वाली नेशनल चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया है।

रूद्र विजय वर्तमान में रांची स्थित प्रतिष्ठित टॉरियन वर्ल्ड स्कूल में कक्षा 11वीं के छात्र हैं। तैराकी जैसे कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक खेल में लगातार बेहतर प्रदर्शन के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उनके कोच अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रूद्र विजय समेत स्कूल के छह खिलाड़ियों ने अहमदाबाद में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। खिलाड़ियों का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के साथ-साथ वर्ष 2030 में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करना है।

रूद्र विजय के पिता रणविजय बाघेल पुरानी थाना रोड में लेबोरेटरी एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन करते हैं। बेटे की सफलता से परिवार के साथ-साथ रिश्तेदारों, स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में भी खुशी का माहौल है।

रूद्र विजय ने बताया कि तैराकी एक बेहद कठिन और मेहनत वाला खेल है। इसमें सफलता हासिल करने के लिए लगातार अभ्यास और कड़ी मेहनत जरूरी है। उनका सपना राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना है और भविष्य में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना उनका लक्ष्य है।

रूद्र विजय की सफलता ने न सिर्फ उनके माता-पिता और स्कूल का गौरव बढ़ाया है, बल्कि जहानाबाद जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है। स्थानीय खेल प्रेमियों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट