सीवान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का आज छठा दिन रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया। हालांकि उनके भाषण के दौरान उस वक्त माहौल थोड़ा असहज हो गया, जब सभा में मौजूद कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं।
महिलाओं को जाते देख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच से ही टोका। उन्होंने कहा, “काहे भाग रही है, सुनो… रुको सब। बैठो। योजनाओं के बारे में जानोगी तब ही ना बोलोगी। इधर-उधर क्यों जा रही हो।” मुख्यमंत्री की इस अपील के बाद कुछ महिलाएं वापस लौटकर बैठ गईं, जबकि कुछ महिलाएं कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलती रहीं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधा। नीतीश कुमार ने कहा कि “पुरानी सरकार वाले कोई काम नहीं करते थे। गड़बड़ी करके जेल गए और अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनवा दिया। वही सब चलता रहता था।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से उनकी सरकार बनी है, तब से बिहार में विकास की दिशा बदली है। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं, गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए उनकी सरकार ने ऐतिहासिक काम किए हैं, जिसे जनता खुद देख रही है।
सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार उनकी सरकार बनी थी। उन्होंने कहा, “तब से बिहार में कानून का राज है। अब यह पांचवां दौर है, इससे पहले चार दौर हो चुके हैं।” उन्होंने 2005 से पहले के हालातों को याद करते हुए कहा कि उस समय स्थिति बेहद खराब थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे। समाज में हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते थे, शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी, इलाज की सुविधा नहीं थी, सड़कों और बिजली का नामोनिशान नहीं था। उन्होंने कहा कि “सोचिए, बिहार का हाल कितना बुरा था, क्योंकि उस समय की सरकारें कोई काम नहीं कर रही थीं।