मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान हिंसा और तनाव, आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान हिंसा और तनाव, आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 23, 2026, 4:54:00 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मुर्शिदाबाद जिले से हिंसा और तनाव की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। नाओदा, डोमकल और रानीनगर क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल रिपोर्ट तलब की है।

डोमकल क्षेत्र में मतदान शुरू होने के साथ ही हालात बिगड़ने लगे। बूथ संख्या 217 के आसपास पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ था, जो मतदान के दिन और बढ़ गया। आरोप है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हथियारों का प्रदर्शन कर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। साथ ही, विपक्षी दल माकपा के समर्थकों को घरों में बंद रखने के भी आरोप लगे हैं, जिससे वे मतदान में हिस्सा नहीं ले सके।

रायपुर हाई स्कूल स्थित एक मतदान केंद्र से भी मतदाताओं को धमकाने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलते ही तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार वहां पहुंचे। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने डोमकल की स्थिति पर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

रानीनगर विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। शिकायत के मुताबिक, कुछ मतदाताओं को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया। विशेष रूप से बुजुर्ग मतदाताओं के साथ आए परिजनों को अंदर जाने से रोकने को लेकर विवाद हुआ, जबकि चुनाव अधिकारियों ने उन्हें अनुमति दी थी।

इसी बीच, नाओदा इलाके में चुनाव से एक दिन पहले हिंसा की घटना सामने आई, जहां कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के एक प्रत्याशी पर बम से हमला किया गया। इस मामले को भी आयोग ने गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

चुनाव से पहले आयोग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाने और किसी भी विस्फोटक सामग्री को तुरंत निष्क्रिय करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मतदान के दिन बम मिलने की खबरों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोग ने जिला प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है कि तलाशी के दौरान इन खतरनाक सामग्रियों का पता क्यों नहीं चल पाया।

कुल मिलाकर, मुर्शिदाबाद में पहले चरण के मतदान के दौरान सामने आई घटनाओं ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है और प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।