“सफेदपोशों पर विजय सिन्हा का निशाना: जमीन माफिया को संरक्षण देने वालों की अब खैर नहीं”

बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं भूमि राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि राज्य में कई सफेदपोश लोग भूमाफिया बनकर अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 10, 2025, 2:20:00 PM

बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं भूमि राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि राज्य में कई सफेदपोश लोग भूमाफिया बनकर अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ऐसे सभी लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। सिन्हा ने कहा कि जो भी व्यक्ति इस अवैध काम में शामिल है, वह तुरंत इसे बंद कर दे, वरना परिणाम भुगतने होंगे। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी आगाह किया कि किसी भी गलत कार्य को समर्थन देने पर उनपर भी सख्त कार्रवाई होगी।

इस दौरान डिप्टी सीएम सिन्हा ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम नीतीश के नेतृत्व में भूमि राजस्व सुधार विभाग की जिम्मेदारी मिली है। भूमि सुधार को लेकर लोगों की अपेक्षा बड़ी है। लोगों के बीच विवाद का सबसे बड़ा कारण भूमि ही रहा है।

भूमि सुधार को लेकर समीक्षा के बाद कई बाते सामने आई है। 46 लाख लोगों ने अपना आवेदन दिया है। 12 लाख के लगभग लोगों का समाधान होकर अपलोड हुआ है। भूमि को लेकर जो भी परेशानी आती है उसे किसी कीमत पर दूर किया जाएगा।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि दाखिल, खारिज और परिमार्जन में देरी के कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इसे देखते हुए पहली प्राथमिकता इन प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगी। इसके लिए सभी अधिकारियों और पदाधिकारियों की समय सीमा में काम की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, अनावश्यक आवेदन को रिजेक्ट करने की मानसिकता को त्यागना होगा, और अगर कोई आवेदन अस्वीकार किया जाता है, तो उसका पूरा कारण स्पष्ट रूप से बताया जाएगा।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अब कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा। भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है। मार्च तक लंबित सभी मामलों को निपटाने के लिए विशेष टीमों और तंत्र तैयार किए जा रहे हैं। अब अधिकारी और पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन समय सीमा में करेंगे। भूमि सुधार में हो रही देरी और जटिलताओं को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी अंचलाधिकारियों की निगरानी सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साधनों से की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मामला लंबित न रहे और सभी आवेदकों को न्याय मिले