बिहार में 'डिप्टी सीएम' को लेकर घमासान मचा हुआ है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की 7 मई वाली अधिसूचना में विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के नाम के आगे 'उप मुख्यमंत्री' नहीं बल्कि सिर्फ मंत्री लिखा गया है। अब इस मामले में राजद का बयान सामने आया है । राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि बिहार में सरकार के स्तर से अपने ही मंत्री के साथ किस तरह का खेला चल रहा है। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय की अधिसूचना से यह साफ देखा जा सकता है।
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव अब उपमुख्यमंत्री नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां पहले 15 अप्रैल की अधिसूचना में विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को बिहार के उपमुख्यमंत्री के साथ अन्य विभागों के मंत्री के रूप में नाम अंकित है। वहीं दूसरी ओर मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 7 मई के अधिसूचना में विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को सिर्फ मंत्री के रूप में अधिसूचित किया गया है।
एजाज अहमद ने कहा कि आखिर माजरा क्या है बिहार सरकार को और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ये स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार में किस तरह से मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ कि दोनों उपमुख्यमंत्री का नाम उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया और सिर्फ मंत्री के रूप में उनका नाम दर्ज किया गया है। जब बिहार में मंत्रियों के साथ खेला हो रहा है तो इसी से समझा जा सकता है कि आम जनता के साथ किस तरह का खेला हो रहा है। बिहार की जनता यह जानना चाहती है कि क्या बिहार में अब दोनों उपमुख्यमंत्री के पद पर नहीं है।
बता दें कि मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की 7 मई वाली अधिसूचना में मुख्यमंत्री के साथ मंत्रियों के विभाग तो बताए गए, लेकिन विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के नाम के आगे 'उप मुख्यमंत्री' नहीं बल्कि सिर्फ मंत्री लिखा गया।मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि 15 अप्रैल की शपथ ग्रहण अधिसूचना ही मान्य है, जिसमें दोनों नेताओं को उप मुख्यमंत्री बताया गया था। सरकार ने साफ किया कि डिप्टी CM का पद खत्म नहीं हुआ है। पद खत्म नहीं हुआ है, सिर्फ अधिसूचना में हर बार पदनाम लिखना जरूरी नहीं होता।