विधानसभा में जीविका दीदियों का मुद्दा गरमाया, ड्रेस कोड पर आश्वासन, आईडी कार्ड पर उठे सवाल

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को एक अहम मुद्दा जोरदार तरीके से उठा—जीविका दीदियों के लिए ड्रेस कोड और आधिकारिक पहचान पत्र की व्यवस्था

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 11, 2026, 12:41:00 PM

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को एक अहम मुद्दा जोरदार तरीके से उठा—जीविका दीदियों के लिए ड्रेस कोड और आधिकारिक पहचान पत्र की व्यवस्था। सासाराम से विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने सदन में मांग रखी कि राज्यभर में काम कर रहीं जीविका दीदियों को एक निर्धारित ड्रेस कोड और अधिकृत आईडी कार्ड दिया जाए, ताकि उनकी स्पष्ट और औपचारिक पहचान सुनिश्चित हो सके।

स्नेहलता कुशवाहा ने कहा कि जीविका दीदियां गांव-गांव में महिलाओं को जागरूक करने, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। बावजूद इसके, उन्हें कई जगहों पर अपनी पहचान साबित करने में परेशानी होती है। सरकारी दफ्तरों, पंचायत भवनों और अन्य संस्थानों में उनसे पहचान पत्र मांगा जाता है, लेकिन बड़ी संख्या में दीदियों को अब तक आधिकारिक आई कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके कारण उन्हें प्रवेश, समन्वय और कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

मंत्री श्रवण कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि ड्रेस कोड लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जीविका दीदियों की सुरक्षा को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि वे समाज में जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। हालांकि, विधायक स्नेहलता ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल सुरक्षा से नहीं, बल्कि पहचान पत्र जारी करने से जुड़ा है। मंत्री के जवाब के बाद सदन में हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली।

इस दौरान एक तकनीकी समस्या भी चर्चा में रही। जब स्नेहलता कुशवाहा अपना सवाल पूछने के लिए खड़ी हुईं तो उनका माइक काम नहीं कर रहा था। कई बार प्रयास के बाद भी माइक की लाइट नहीं जली, जिसके बाद उन्हें आगे आकर अपना सवाल रखना पड़ा। विपक्ष ने इस पर सरकार को घेरते हुए इसे गंभीरता से लेने की मांग की।

अब सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है। यदि ड्रेस कोड और आईडी कार्ड की व्यवस्था लागू होती है, तो राज्यभर की लाखों जीविका दीदियों को औपचारिक पहचान मिलेगी, जिससे उनकी विश्वसनीयता, सम्मान और कार्यक्षमता तीनों मजबूत होंगे।