UGC बिल 2026 को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। इस बीच दिल्ली से पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से जब पटना एयरपोर्ट पर मीडिया ने UGC बिल को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। पत्रकार लगातार उनसे सवाल पूछते रहे—आप सवर्णों के बड़े नेता हैं, UGC बिल पर आपका क्या रुख है—लेकिन ललन सिंह बिना कुछ बोले चुपचाप आगे बढ़ गए। उनकी इस चुप्पी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
UGC पर जेडीयू विधायक चेतन आनंद ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'कल अनेक कॉलेज के छात्रों से one-to-one संवाद हुआ और UGC Act को लेकर कई चर्चाएं हुईं। कई घंटे चले इस वार्तालाप का निष्कर्ष निकला, सवर्ण छात्र अगर जातिगत भेदभाव करते हैं तो उनपर कार्रवाई हो, मगर उन्हें आपसी रंजिश में फंसाया जाए तो फंसाने वाले पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कानून का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए।
जातिगत भेदभाव देश के लिए नासूर है। ऐसे मामलों में दोषी के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए, मगर निर्दोष को बचने का अवसर भी मिलना चाहिए। 2012 में बने नियम में था कि अगर आरोप गलत निकले या फंसाने की मंशा निकली तो जुर्माना लगता था। नए नियम में क्यों नहीं है।'
वहीं दूसरी ओर, UGC बिल के विरोध में आज पटना में सवर्ण समाज और करणी सेना की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, गांधी मैदान के जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि UGC बिल 2026 शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के खिलाफ है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने मार्च को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।