अंतिम चरण में टीएमसी का बड़ा दांव, बंगाल चुनाव में हेमंत सोरेन संभालेंगे आदिवासी मोर्चा

अंतिम चरण में टीएमसी का बड़ा दांव, बंगाल चुनाव में हेमंत सोरेन संभालेंगे आदिवासी मोर्चा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 16, 2026, 5:00:00 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और अब इसमें झारखंड की राजनीति की भी झलक दिखाई देने लगी है। भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने नई रणनीति के तहत झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रचार अभियान में शामिल करने का फैसला किया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हेमंत सोरेन 18 से 20 अप्रैल के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। उनका यह दौरा विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर केंद्रित होगा जहां आदिवासी मतदाताओं की संख्या अधिक है और जहां भाजपा अपनी स्थिति मजबूत होने का दावा कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम केवल सामान्य चुनावी प्रचार नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। जंगलमहल और उत्तर बंगाल जैसे इलाकों में आदिवासी समुदाय का प्रभाव निर्णायक माना जाता है। इन क्षेत्रों में झारखंड मुक्ति मोर्चा की पकड़ को देखते हुए टीएमसी इस सहयोग से अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।

इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह बंगाल चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगा और तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करेगा। ऐसे में हेमंत सोरेन का टीएमसी नेताओं के साथ मंच साझा करना विपक्षी दलों के बीच बढ़ती समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि झारखंड के अन्य नेता भी इस अभियान में भाग ले सकते हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद हेमंत सोरेन का यह पहला बड़ा चुनावी अभियान होगा, जिसमें वे पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनका यह हस्तक्षेप आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मतदाताओं के रुझान को किस हद तक प्रभावित कर पाता है और इसका तृणमूल कांग्रेस को कितना लाभ मिलता है।