बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में अहम निर्णय लेते हुए राज्यपाल को मंत्रिपरिषद भंग करने की सिफारिश कर दी है। इसके साथ ही उनके इस्तीफे की प्रक्रिया भी तेज हो गई है और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार आज दोपहर करीब 3:15 बजे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इस दौरान वे मौजूदा मंत्रिमंडल को भंग करने की औपचारिक जानकारी भी देंगे, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।
इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री ने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री मौजूद रहे। करीब 40 मिनट चली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने कार्यक्रमों का समापन किया।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार, जो अब तक दस बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, के पास फिलहाल कोई आधिकारिक कार्यक्रम शेष नहीं है। ऐसे में सभी की निगाहें अब राजभवन पर टिकी हुई हैं, जहां उनके इस्तीफे की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राजभवन में कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी की भी चर्चा है। भाजपा के शीर्ष नेता, दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्री विजय कुमार चौधरी और श्रवण कुमार के साथ-साथ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के भी वहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, नई सरकार के गठन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक के बाद जदयू विधायकों से मुलाकात का कार्यक्रम रखा है। दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री पटना पहुंच रहे हैं। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में नए नेता के चयन पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ रहे हैं और आने वाले कुछ घंटों में राज्य की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।