बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष आमने-सामने, किसानों के मुद्दे पर जेडीयू विधायक श्याम रजक ने कृषि मंत्री रामकृपाल यादव को घेरा

बिहार विधानसभा में आज किसानों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नीतीश सरकार के ही दो दिग्गज नेता—कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और जेडीयू विधायक श्याम रजक—सदन में आमने-सामने आ गए।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 05, 2026, 2:11:00 PM

बिहार विधानसभा में आज किसानों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नीतीश सरकार के ही दो दिग्गज नेता—कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और जेडीयू विधायक श्याम रजक—सदन में आमने-सामने आ गए। खास बात यह रही कि इस बार सरकार को घेरने वाला विपक्ष नहीं, बल्कि खुद सत्ताधारी दल का विधायक था।

पटना के फुलवारीशरीफ से जेडीयू विधायक श्याम रजक ने पुनपुन और फुलवारी इलाके के करीब 20 हजार पंजीकृत किसानों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन इलाकों में स्थानीय मंडी की कमी और शहर में लागू नो-एंट्री व्यवस्था के कारण किसान अपनी उपज मुसल्लहपुर हाट तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इसका सीधा फायदा बिचौलियों को मिल रहा है, जबकि किसान लगातार गरीब होता जा रहा है।

श्याम रजक ने सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या किसानों को यूं ही बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया गया है? उन्होंने कहा कि सरकार मुसल्लहपुर हाट को विकसित करने की बात तो करती है, लेकिन जब किसान वहां तक पहुंच ही नहीं पाएंगे तो विकास का क्या मतलब है? विधायक ने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि पुनपुन और फुलवारी क्षेत्र में नई मंडी बनेगी या नहीं।

जवाब में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि 2006 में एपीएमसी एक्ट हटने के बाद से सरकार कृषि बाजार व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के 54 बाजारों को मॉडल कृषि बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां डिजिटल मार्केटिंग, कोल्ड स्टोरेज और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मंत्री ने यह भी कहा कि पुनपुन में मंडी के विकास की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन हर इलाके में मंडी बनाना व्यावहारिक नहीं है।

बहस उस वक्त और तेज हो गई जब कृषि मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि वे खुद उस क्षेत्र के सांसद रह चुके हैं और किसानों की पीड़ा को समझते हैं। अगर किसी को लगता है कि फुलवारी ही पूरा बिहार है, तो वे कुछ नहीं कह सकते। इस पर श्याम रजक ने पलटवार करते हुए कहा कि वे क्षेत्रीय किसानों की बात कर रहे हैं, लेकिन मंत्री पूरे बिहार की कहानी सुना रहे हैं।

मामला बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत समाधान तलाशने का निर्देश दिया।