मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएमसीएच के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन ब्लॉकों को देखा। खासकर रेडियोलॉजी और डायग्नोस्टिक्स विभाग का जायजा लिया, जहां हाल ही में लगी अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
अधिकारियों को स्पष्ट कहा-आधुनिक तकनीक का लाभ गरीब मरीजों तक बिना देरी और बिना बाधा पहुंचे, यही इस प्रोजेक्ट की असली कसौटी होगी। उन्होंने शिशु रोग विभाग, नियोनेटल आईसीयू (नीकू) और नर्सिंग स्टेशनों का भी बारीकी से जायजा लिया। कहा-मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में बच्चों के इलाज से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में कोई कमी स्वीकार्य नहीं होगी। नीकू और पेडियाट्रिक सेवाओं को अत्याधुनिक मानकों के आधार पर तैयार करने को कहा। निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। समय
अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि रेडियोलॉजी और डायग्नोस्टिक विभाग बनकर तैयार हैं। इनमें दो एमआरआई और एक सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। सीटी स्कैन के लिए एटोमिक रिसर्च सेंटर से मान्यता दी जाती है। पांच-सात दिनों में वहां से अनुमति मिलने की उम्मीद है। उसके तुरंत बाद विभाग को शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक माह के अंदर स्त्री स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को भी नए भवन में में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद शिशु रोग विभाग में नीकू और पेडियाट्रिक सेवाओं को शिफ्ट किया जाएगा।
सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया। कहा-निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। बुनियादी ढांचे और चिकित्सा उपकरणों में अंतरराष्ट्रीय मानक अपनाए जाएं। देरी के लिए जिम्मेदार एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण के साथ-साथ मौजूदा मरीजों की सुविधा का भी ध्यान रखने का निर्देश दिया।