बिहार में डिफेन्स कॉरिडोर की स्थापना राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक, दूरदर्शी और परिवर्तनकारी कदम है। यह निर्णय न केवल बिहार की औद्योगिक पहचान को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से भी मजबूती से जोड़ेगा।
डिफेन्स कॉरिडोर के निर्माण से बिहार में रक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े उद्योगों, अनुसंधान एवं विकास केंद्रों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और सहायक इकाइयों के लिए व्यापक संभावनाएँ खुलेंगी। इससे राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य बनाने का अवसर प्राप्त होगा और पलायन की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
यह कॉरिडोर बिहार की आर्थिक संरचना को सशक्त करने के साथ-साथ निवेश के नए द्वार खोलेगा। इसके चलते सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास होगा। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से राज्य की राजस्व क्षमता बढ़ेगी और समावेशी विकास को मजबूती मिलेगी।
डिफेन्स कॉरिडोर के माध्यम से बिहार देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक केंद्र के रूप में उभरेगा। इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को भी नई गति प्राप्त होगी।
इस ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्र सरकार हार्दिक बधाई के पात्र हैं। यह कदम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केंद्र सरकार बिहार के विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर ठोस एवं निर्णायक प्रयास कर रही है।
निस्संदेह, डिफेन्स कॉरिडोर बिहार के लिए केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का ऐसा नया मार्ग है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की पूरी क्षमता रखता है।