तेजस्वी यादव विदेश से लौटकर बिहार के लिए भी कुछ सोचें: प्रेम रंजन पटेल

विपक्ष के नेता का दायित्व होता है कि वह राज्य की समस्याओं, चुनौतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करे।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 11, 2025, 6:13:00 PM

विपक्ष के नेता का दायित्व होता है कि वह राज्य की समस्याओं, चुनौतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करे। लेकिन बिहार की जनता यह देखकर हैरान है कि जब भी राज्य को मजबूत विपक्ष की जरूरत होती है, तेजस्वी यादव सैर - सपाटा और विदेश यात्राओं में व्यस्त दिखाई देते हैं।

बिहार में विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और निवेश जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर constructive सुझाव देने की बजाय बार-बार गैर-ज़रूरी आरोप लगाना और जिम्मेदारियों से दूरी बनाना उनकी आदत बन चुकी है। बिहार की जनता पूछ रही है—

क्या विपक्ष का नेता केवल विदेश यात्राओं के लिए है या उनके पास बिहार के भविष्य के लिए भी कोई योजना है?

एनडीए सरकार मुख्यमंत्री नितीश कुमार के नेतृत्व में उद्योग, आधारभूत संरचना, शिक्षा, किसानों और युवाओं के लिए निरंतर काम कर रही है। ऐसे समय में विपक्ष को भी चाहिए कि वह विदेश भ्रमण छोड़कर विधानसभा में उपस्थित रहते , मुद्दों पर बहस करते और राज्यहित में सकारात्मक योगदान देते।

तेजस्वी यादव से आग्रह नहीं—पर अपेक्षा ज़रूर है कि वे विदेश से लौटकर कम से कम बिहार के लिए कुछ सोचें, ज़मीन पर उतरें और जनता को बताएं कि उनके पास राज्य के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा है भी या नहीं।