तेजस्वी यादव का बदल गया सेक्रेटरी, बहुत जल्द होगा यह काम

बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी और पुख्ता खबर सामने आ रही है। तेजस्वी यादव के साथ काम करने वाले सेक्रेटरी को बदल दिया गया है और अब प्रीतम कुमार तेजस्वी यादव के नए प्राइवेट सेक्रेटरी होंगे।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 16, 2025, 3:15:00 PM

बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी और पुख्ता खबर सामने आ रही है। तेजस्वी यादव के साथ काम करने वाले सेक्रेटरी को बदल दिया गया है और अब प्रीतम कुमार तेजस्वी यादव के नए प्राइवेट सेक्रेटरी होंगे।

सरकार की तरफ से इसका आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है और यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू भी हो चुका है। यानी अब तेजस्वी यादव से जुड़े राजनीतिक और प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी प्रीतम कुमार संभालेंगे।

प्रीतम कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उन्हें तेजस्वी यादव के सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पद सिर्फ नाम का नहीं होता, बल्कि इसे तेजस्वी यादव का सबसे भरोसेमंद और अहम प्रशासनिक पद माना जाता है।

तेजस्वी यादव से जुड़ी हर बड़ी बैठक, हर अहम फैसला, अफसरों से तालमेल और राजनीतिक कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा इसी सेक्रेटरी के जरिए आगे बढ़ती है। ऐसे में सेक्रेटरी का बदलना अपने आप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

इस फैसले के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। क्योंकि यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब बिहार की राजनीति बेहद गर्म है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज हो रहा है और तेजस्वी यादव सरकार पर लगातार हमलावर हैं।

राजनीतिक सूत्रों की मानें तो तेजस्वी यादव अपनी टीम को और मजबूत करना चाहते हैं। कामकाज की रफ्तार बढ़ाने, फैसलों को तेजी से लागू करने और राजनीतिक रणनीति को और धार देने के मकसद से यह बदलाव किया गया है।

पिछले कुछ समय से तेजस्वी यादव की गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। लगातार दौरे, बैठकें, प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजनीतिक बयानबाजी—इन सबके बीच सेक्रेटरी की भूमिका और भी अहम हो जाती है। ऐसे में नया चेहरा आने से कामकाज के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

प्रीतम कुमार के सामने अब बड़ी जिम्मेदारी होगी। तेजस्वी यादव के व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रम को संभालना, हर फैसले में समय का तालमेल बैठाना और सिस्टम के साथ मजबूत समन्वय बनाना—यह सब आसान नहीं होगा।

राजद खेमे में भी इस बदलाव को लेकर चर्चा तेज है। पार्टी के अंदर इसे एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में तेजस्वी यादव का राजनीतिक तेवर और ज्यादा आक्रामक नजर आ सकता है।

जानकारों का कहना है कि सेक्रेटरी वही होता है, जो नेता के हर कदम के साथ चलता है। ऐसे में सेक्रेटरी बदलने का सीधा असर नेता की कार्यशैली और राजनीतिक मूवमेंट पर भी पड़ता है।

यह भी अहम है कि यह बदलाव पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया के तहत किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है, जिससे साफ है कि यह नियुक्ति आधिकारिक और स्थायी तौर पर की गई है।

अब सबकी नजर इस पर है कि प्रीतम कुमार के आने के बाद तेजस्वी यादव की रणनीति में क्या नया नजर आता है। क्या विपक्ष की भूमिका और ज्यादा आक्रामक होगी? क्या सरकार पर दबाव बढ़ेगा? क्या राजनीतिक फैसलों की रफ्तार और तेज होगी?

फिलहाल इतना तय है कि तेजस्वी यादव के साथ काम करने वाला सेक्रेटरी बदल चुका है। जिम्मेदारी अब प्रीतम कुमार के पास है। और बिहार की राजनीति में इस बदलाव को हल्के में नहीं लिया जा रहा।

आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक था या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति भी छिपी हुई है।