तेजस्वी और निशांत अगले महीने से बिहार दौरे पर, नए वैचारिक टकराव की होगी शुरुआत

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की तरह अब उनके बेटे निशांत कुमार व तेजस्वी यादव भी अगले महीने से बिहार के राजनीतिक मैदान में आमने-सामने होंगे

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Mar 16, 2026, 9:24:00 AM

बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की तरह अब उनके बेटे निशांत कुमार और तेजस्वी यादव भी सियासी मैदान में आमने-सामने नजर आएंगे। अगले महीने से दोनों नेता बिहार का दौरा करने वाले हैं और उनकी पार्टियों—जदयू और राजद—ने इसकी तैयारियां भी तेज कर दी हैं। इसे बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी की एंट्री और राजनीतिक ध्रुवीकरण के तौर पर देखा जा रहा है।

राजद की ओर से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बिहार दौरे की तैयारी होली के बाद ही शुरू हो गई थी। पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और संचार-समन्वय बेहतर करने के लिए चार जोनल प्रभारियों की भी नियुक्ति कर दी है। हालांकि राज्यसभा चुनाव, ईद और रामनवमी जैसे बड़े पर्वों को देखते हुए उनके दौरे की शुरुआत अप्रैल में करने की योजना बनाई गई है।

दूसरी तरफ, 8 मार्च को निशांत कुमार के जदयू की सदस्यता ग्रहण करने के बाद ही यह साफ हो गया था कि वे जल्द ही सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। पार्टी की ओर से घोषणा की गई थी कि वे राज्यव्यापी दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संगठन को मजबूत करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक निशांत कुमार अपनी यात्रा की शुरुआत चंपारण से कर सकते हैं, जिसे महात्मा गांधी की कर्मभूमि माना जाता है। इस यात्रा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़ना और राज्य सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना बताया जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी अगले महीने अपने राज्यव्यापी दौरे के जरिए जनता के बीच जाएंगे। वे इस दौरान राज्य सरकार की नीतियों, हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोल सकते हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से निशांत कुमार के बिहार की राजनीति में उत्तरने का मुहूर्त बना। निशांत की इंट्री को जदयू में नई ऊर्जा और भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है। उनके दौरे में बिहार के लोग कैसे रिएक्ट करते हैं, इस पर सबकी नजर होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों युवा नेताओं के इस समानांतर दौरे से बिहार की राजनीति में नए पोस्टर वॉर और वैचारिक टकराव की शुरुआत होगी

ऐसे में बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प मुकाबले की शुरुआत होने जा रही है। लंबे समय से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार और लालू प्रसाद की तरह अब उनके बेटे भी राजनीतिक मैदान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आमने-सामने दिखाई देंगे। नई पीढ़ी की इस सियासी टक्कर पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हुई हैं।