जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला है पटना के 26 एम स्ट्रैंड रोड स्थित सरकारी आवास का, जिसे तेज प्रताप यादव के खाली करने के बाद मंत्री लखेंद्र पासवान को अलॉट किया गया है।
आवास मिलने के बाद मंत्री लखेंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि घर में कोई भी सामान मौजूद नहीं है, सब कुछ गायब है। एसी, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं मिलीं। इसी आरोप पर अब तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
तेज प्रताप यादव ने साफ कहा है कि उन्हें यह सरकारी आवास विधायक रहते हुए मिला था और उस घर में जो भी एसी, पंखे और अन्य सामान लगे थे, वह उन्होंने अपने निजी खर्च से खरीदे थे। ऐसे में सामान गायब होने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा है। उन्होंने कहा, “हम छोटा काम नहीं करते हैं।”
तेज प्रताप ने मंत्री लखेंद्र पासवान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी बुद्धि फेल हो गई है। बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाए जा रहे हैं और मीडिया में बयान देकर सिर्फ अपना चेहरा चमकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नए-नए मंत्री बने हैं और सोच रहे हैं कि स्वर्ग चाहिए। संयम में रहें और सत्ता का गलत इस्तेमाल न करें।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि जिस आवास को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह अंग्रेजों के जमाने का पुराना घर है। जब वे वहां रहते थे, तब भी घर की छत गिरती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतना सामान घर से ले जाया गया, तो भवन निर्माण विभाग या जेई ने नोटिस क्यों नहीं दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला सिर्फ टीआरपी बटोरने के लिए खड़ा किया गया है। तेज प्रताप ने कहा कि मंत्री को इस बात की चिंता नहीं है कि बिहार में अपराधी तांडव मचा रहे हैं या नीट छात्रा के साथ अन्याय हुआ है, बल्कि उन्हें चिंता है कि कौन बल्ब और पंखा ले गया।
अंत में तेज प्रताप यादव ने तंज कसते हुए कहा कि लखेंद्र पासवान के पास 10 लोग भी नहीं हैं और वह बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं।