जनशक्ति जनता दल के नेता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव हाल ही में एक पॉडकास्ट में नजर आए। इस बातचीत में तेज प्रताप ने राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत तक कई बड़े नामों पर खुलकर अपनी राय रखी। बातचीत के दौरान उनके बेबाक अंदाज़ और चौंकाने वाले बयानों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी।
इंटरव्यू में तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने पीएम मोदी को 10 में 10 नंबर देते हुए कहा कि देश के स्तर पर उनका काम प्रभावशाली रहा है। इतना ही नहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी उन्होंने जमकर तारीफ की और उनके प्रशासनिक अनुभव को सराहा।
जब तेज प्रताप से पूछा गया कि आप लालू यादव के बेटे हैं, इस पहचान को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने बेहद सधे अंदाज़ में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अब कहां, अब राजा का राजगद्दी चला गया।” इस बयान को राजनीतिक विरासत से दूरी बनाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
पॉडकास्ट के दौरान उनसे यह भी सवाल किया गया कि अगर उन्हें आरजेडी की ओर से चुनाव चिन्ह मिलता तो क्या वे चुनाव लड़ते? इस पर तेज प्रताप ने चौंकाने वाला जवाब देते हुए कहा, “अगर आरजेडी से लड़ता तो भी मैं खुद को हरवा देता।” इस बयान ने राजद की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
तेज प्रताप यादव ने राजनीतिक सलाहकारों की भूमिका पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता के लिए परिपक्व सलाहकार बेहद जरूरी होता है। जो सलाहकार नेता से सवाल करे, गलतियों पर जवाब मांगे, वही राजा को आगे बढ़ा सकता है। हर बात में हां में हां मिलाने वाला सलाहकार कभी भी नेता के हित में नहीं होता।
तेज प्रताप के ये बयान न सिर्फ चर्चा में हैं, बल्कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरणों की ओर भी इशारा कर रहे हैं।