बिहार में सुशासन की कमान अब जमीन के रिकॉर्ड सुधारने पर टिकी है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा आज जब मुजफ्फरपुर पहुँचे, तो वहां का नजारा देख उनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। जमीन विवादों में लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायतों के बीच मंत्री जी ने अधिकारियों की भरी सभा में जमकर क्लास लगा दी।
मुजफ्फरपुर में एक भूमि विवाद के मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका देख मंत्री विजय कुमार सिन्हा बिफर पड़े। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अंचलाधिकारी (CO) को कड़ी फटकार लगाते हुए सीधा सवाल किया— "पहले मुझे यह बताइए कि आपको दरमाहा (तनख्वाह) कौन देता है?" मंत्री का यह सवाल अधिकारियों की जवाबदेही और जनता के प्रति उनके कर्तव्यों पर एक बड़ा प्रहार था।
मंत्री सिन्हा यहीं नहीं रुके। उन्होंने मौके पर मौजूद DCLR को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित RO (राजस्व अधिकारी) से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा जाए। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी की मंशा साफ नहीं दिख रही है और यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो गाज गिरना तय है। उन्होंने साफ कर दिया कि अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की फाइलें बंद नहीं होंगी, बल्कि दोषियों पर सीधी कार्रवाई होगी।
दलालों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक का आदेश देते हुए मंत्री ने जिलाधिकारी (DM) को निर्देश दिया कि अंचल कार्यालयों में सक्रिय बिचौलियों की पहचान CCTV के जरिए की जाए। उनकी फोटो निकालकर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मंत्री की इस तल्खी के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
विशेषज्ञ इसे बिहार में भूमि सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं। मंत्री विजय कुमार सिन्हा का यह कड़ा रुख साफ संकेत है कि नीतीश सरकार अब भू-माफियाओं और लापरवाह अधिकारियों को बख्शने के मूड में नहीं है। अब देखना यह होगा कि मंत्री की इस चेतावनी के बाद मुजफ्फरपुर प्रशासन जमीन के मामलों में कितनी पारदर्शिता लाता है।