राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। महागठबंधन की हार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। आरजेडी के वरिष्ठ नेता और लालू प्रसाद के करीबी रहे शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है।
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर जीत हासिल की। चार सीटों पर तो पहले से ही एनडीए की बढ़त मानी जा रही थी, लेकिन पांचवीं सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस मुकाबले में भी आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद महागठबंधन पूरी तरह से खाली हाथ रह गया।
चुनाव परिणाम के तुरंत बाद तेजस्वी यादव का पटना से कोलकाता जाना अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। शिवानंद तिवारी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि “हार से ज्यादा बुरा है हार के बाद मैदान छोड़ देना।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी पहले भी हार के बाद बिहार छोड़ चुके हैं और इस बार भी वही दोहराया गया।
तिवारी ने आगे कहा कि जो नेता हार के बाद संघर्ष करने के बजाय मैदान छोड़ देते हैं, उनके साथ कार्यकर्ता लंबे समय तक नहीं टिकते। उनका यह बयान साफ तौर पर तेजस्वी यादव की राजनीतिक शैली और नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़ा करता है।
यह पहली बार नहीं है जब शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव पर इस तरह का हमला किया हो। इससे पहले भी विधानसभा चुनाव में हार के बाद तेजस्वी के बाहर जाने को लेकर उन्होंने आलोचना की थी।
अब देखना होगा कि इन आरोपों पर तेजस्वी यादव या आरजेडी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, और क्या यह विवाद बिहार की राजनीति में कोई बड़ा असर डालता है।