बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पटना लौटने के बाद की गतिविधियों पर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है. खासकर उनके स्वागत को लेकर उठे सवालों ने राष्ट्रीय जनता पार्टी के भीतर ही नई बहस छेड़ दी है. वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव की हालिया वापसी को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे पार्टी के लिए 'अशुभ संकेत' बताया है.
शिवानंद तिवारी ने जारी बयान में कहा कि तेजस्वी यादव के पटना आगमन के दौरान हवाई अड्डे पर पार्टी का कोई भी विधायक मौजूद नहीं था. उनके मुताबिक स्वागत करने वालों में कार्यकर्ताओं से अधिक कैमरे वाले नजर आए।
शिवानंद तिवारी ने जारी बयान में कहा कि तेजस्वी यादव के पटना आगमन के दौरान हवाई अड्डे पर पार्टी का कोई भी विधायक मौजूद नहीं था. उनके मुताबिक स्वागत करने वालों में कार्यकर्ताओं से अधिक कैमरे वाले नजर आए. शिवानंद ने यह भी सवाल उठाया कि तेजस्वी यादव एयरपोर्ट से सीधे अपने आवास चले गए और पार्टी के राज्य कार्यालय जाना जरूरी नहीं समझा. उन्होंने कहा कि ये संकेत अच्छे नहीं माने जा सकते, खासकर तब जब पार्टी विधानसभा चुनाव में हार का सामना कर चुकी हो.
यह पहला मौका नहीं है जब शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाए हों. इससे पहले उन्होंने तेजस्वी की विदेश यात्रा और विपक्षी नेता की भूमिका को लेकर भी टिप्पणी की थी. शिवानंद का मानना है कि हार के बाद नेतृत्व को कार्यकर्ता के तौर पर मैदान में उतरना चाहिए और पार्टी से लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए. अपने फेसबुक पोस्ट मेंशिवानंद तिवारी ने कहा था कि तेजस्वी यादव ने मैदान छोड़ दिया है. अगले पांच साल तक विरोधी दल के नेता की भूमिका निभाने की क्षमता उनमें नहीं है. यह भी कहा था कि जय और पराजय सहज और सामान्य नियम हैं. लेकिन अहम सवाल यह है कि हम अपने जय या पराजय को किस तरीके से लेते हैं. तेजस्वी यादव को बिहार लौटना चाहिए. उन्हें नेता की तरह नहीं बल्कि कार्यकर्ता की तरह सबसे मिलना चाहिए
बता दें कि करीब एक 40 दिन से अधिक की छुट्टी के बाद पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने खुद को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच सरकार के प्रति संयमित रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखती है और सरकार गठन के शुरुआती 100 दिनों तक उसकी नीतियों और फैसलों पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेगी. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता के बीच सरकार के कामकाज की समीक्षा जरूर की जाएगी.
तेजस्वी यादव ने बिहारवासियों को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए एक बार फिर चुनावी परिणामों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव में जनमत की भावना को नजरअंदाज किया गया. साथ ही उन्होंने डबल इंजन सरकार पर अपराध, भ्रष्टाचार, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए.