पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा के रेप–मौत मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के दरोगा हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दो पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर डीजीपी विनय कुमार, एडीजी, एसएसपी और पूरी SIT टीम को तलब किया है। बताया जा रहा है कि आठ दिन बीतने के बावजूद SIT किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई, जिससे गृह मंत्री खासे नाराज हैं। इस पूरे प्रकरण ने पुलिस और गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी बीच रेप-मर्डर केस की जांच में CID की एंट्री हो चुकी है। रविवार सुबह CID की टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और करीब दो घंटे तक मौके की गहन जांच-पड़ताल की। जांच के बाद टीम बिना मीडिया से बात किए वापस लौट गई। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक CID अब केस से जुड़े हर पहलू की नए सिरे से जांच कर रही है।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने CID के एडीजी पारसनाथ और डीजीपी विनय कुमार से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली है। FSL रिपोर्ट में रेप की पुष्टि के बाद सम्राट चौधरी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस को पूरी छूट दी गई है। माना जा रहा है कि गृह मंत्री की बैठक के बाद जल्द ही मामले का बड़ा खुलासा हो सकता है। इस हाई-प्रोफाइल केस पर अब पूरे बिहार की नजरें CID और SIT की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।