'24 घंटे में झोला उठाकर चल देंगे' नीतीश कुमार का नाम लेकर सम्राट चौधरी ने लालू-राबड़ी परिवार पर बोला बड़ा हमला

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को शेखपुरा में सहयोग कार्यक्रम में लालू परिवार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगला किसी की बपौती नहीं है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 02, 2026, 2:22:00 PM

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को शेखपुरा में सहयोग कार्यक्रम में लालू परिवार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। उन्होंने खुलासा करते हुए सीएम पद छोड़ने की स्थिति में 24 घंटे में झोला उठाकर चल जाएंगे। शेखपुरा में सम्राट चौधरी ने ग्राम सामस बुजुर्ग, प्रखंड बरबीघा में 'सहयोग शिविर' में आवेदनों की प्राप्ति एवं निष्पादन हेतु लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण और अवलोकन किया। 

सीएम सम्राट चौधरी ने बंगला विवाद पर सहयोग कार्यक्रम में राबड़ी देवी पर जबरदस्त हमला किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की चिंता लगी रहती है कि हमारा घर बचा रहे।  सम्राट चौधरी ने कहा मैंने कई बार उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री बने और गृह विभाग को भी संभाले।  इसके बावजूद हम सरकारी आवास में नहीं रहे बल्कि 24 स्क्वायर फीट में अपने आवास में रहते थे। 

सीएम ने कहा कि वर्ष 1999 में वे पहली बार मंत्री बने। तब से अब तक कई बार अलग अलग मौकों पर मंत्री रहे।राज्य में उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री भी रहे। अब मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे हैं। 1999 से अब तक उन्हें 11 बार अलग अलग सरकारी आवास मिला है। लेकिन वे अपने सरकारी आवासों का उपयोग सिर्फ कार्यालय के लिए करते हैं। मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। जब सीएम बनने के बाद वे मुख्यमंत्री आवास गए तो वहां भी गेट के बाहर लोकसेवक का आवास लिखवाया।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार के कहने पर मैं मुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार को कोई नोटिस नहीं किया। लेकिन नीतीश कुमार ने कहा हमको कि तुम मुख्यमंत्री बनो और आज हम मुख्यमंत्री के तौर पर बिहार को संभाल रहे हैं। मुख्यमंत्री की गद्दी छोड़ने के बाद नीतीश कुमार जी बंगला खाली कर दिए, यह सरकार का नियम है। मुख्यमंत्री आवास में जाने के साथ ही हमने लोक सेवक आवास लिखवाने का काम किया है। मुख्यमंत्री आवास जनता का आवास है। यहां किसी का बपौती नहीं हो सकता है। 

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि 15 अप्रैल जब वे सीएम पद की शपथ लिए तो 1 मई को नीतीश कुमार ने आवास खाली कर दिया। बिहार के लोग इस प्रकार का आदर्श प्रस्तुत करने वालों को देखना चाहते हैं। लेकिन यहां लोग एक बंगला नहीं खाली कर रहे हैं। जबकि यहां किसी की बपौती नहीं होती। बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटा को अलग घर चाहिए, माता को अलग घर चाहिए।