बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। नए मंत्रियों ने कामकाज संभालना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने अफसरों को चेतावनी देते हुए भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया ।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री बनने के बाद मीडिया से बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार अब बर्दाश्त नहीं होगा। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत काम करने वाले कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने माना कि एक समय ऐसा भी था जब लोग इस विभाग को “कालकोठरी” तक कहने लगे थे, क्योंकि यहां लोगों को अपने काम कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
दिलीप जायसवाल ने साफ कहा कि उनकी प्राथमिकता होगी कि जमीन से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा हो और लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुभव पर भरोसा जताते हुए कहा कि पूरी टीम मिलकर विभाग की छवि सुधारने का प्रयास करेगी। मंत्री ने हाल के दिनों में विभाग में चली हड़ताल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के कारण पिछले करीब तीन महीनों से विभाग का कामकाज बुरी तरह प्रभावित था।
दिलीप जायसवाल ने भ्रष्टाचार और विभाग की खराब छवि पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नीचे स्तर पर विभाग की बदनामी किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को गलत काम करने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने पिछले कार्यकाल में भी उन्होंने कार्रवाई की थी और इस बार भी भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें कि बिहार में नई सरकार बनने के बाद कैबिनेट मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह समेत अहम विभाग अपने पास रखे.हैं, जबकि डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को जल संसाधन व वित्त जैसे प्रमुख मंत्रालय मिले हैं। मंत्री श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास और सूचना जनसंपर्क विभाग मिला है, वहीं विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग दिया गया है। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार और निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग सौंपा गया है। सरकार ने विभागों का वितरण कर प्रशासनिक जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी हैं।