बिहार में सम्राट कैबिनेट विस्तार के साथ ही मंत्रियों के विभागों का भी बंटवारा हो गया है। एनडीए की नई सरकार में कुछ विभाग पहली बार किसी दल के खाते में गए, तो वहीं पिछली सरकार में मंत्री रहे नेताओं का भी इस बार विभाग बदला गया। जबकि कई नेताओं को नए विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
सीएम सम्राट कैबिनेट में भाजपा और जदयू के बीच चार विभागों की अदला-बदली हुई, जबकि एनडीए के तीन अन्य सहयोगी दलों के सभी चार पुराने विभाग ही रह गए। उनके मंत्री भी वही हैं, जो पिछली नीतीश सरकार में थे। शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन में बदलाव हुआ है। शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग पहले जदयू के पास था पर अब यह भाजपा के पास चला गया है। अब तक यह विभाग अधिकतर जेडीयू के पास रहा करता था।
इसी तरह स्वास्थ्य और आपदा विभाग भाजपा से जदयू के पास चला गया है। नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकारों में स्वास्थ्य विभाग हमेशा सहयोगी दलों के पास ही जाता रहा है। यही नहीं, बदले गए इन सारे विभागों में नए मंत्री बनाए गए हैं। एनडीए के सहयोगी दलों रालोमो के पास पंचायती राज, जबकि हम (से.) के पास लघु जल संसाधन विभाग और लोजपा (आर) के पास पहले की तरह गन्ना उद्योग व लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग रह गया। इन विभागों के मंत्रियों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। सात मंत्रियों को पहली बार जिम्मेवारी मिली है, जबकि 29 विभागों को नए मंत्री मिले। इन विभागों में पिछली बार के मंत्रियों की जिम्मेवारी बदल गई है। 19 विभागों को पहले वाले मंत्री मिले। उन्हें फिर से उन विभागों की जिम्मेवारी सौंपी गयी है।
वहीं सबसे बड़ा बदलाव ऊर्जा विभाग में देखने को मिला। बिजेन्द्र यादव 22 वर्षों तक ऊर्जा मंत्री रहे। यह रिकॉर्ड है। वे 1991 से 1995 तक लालू सरकार में ऊर्जा राज्यमंत्री बनाए गए। 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी पहली एनडीए सरकार में ऊर्जा मंत्री की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी। बीच में कुछ वर्षों को छोड़ दें तो ऊर्जा विभाग अधिकांश समय बिजेन्द्र यादव के पास ही रहा। लेकिन अब ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बुलो मंडल को दी गई है।
बता दें कि सीएम सम्राट कैबिनेट में कुल 32 मंत्रियों ने पद की शपथ ली है. इसमें भाजपा के 15, जदयू के 13, लोजपा (रामविलास) के 2, ‘हम’ के 1 और आरएलएम (RLM) के 1 मंत्री को शामिल कर एनडीए के सभी सहयोगियों को साधने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह समेत अहम विभाग अपने पास रखे.हैं, जबकि डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को जल संसाधन व वित्त जैसे प्रमुख मंत्रालय मिले हैं। मंत्री श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास और सूचना जनसंपर्क विभाग मिला है, वहीं विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग दिया गया है। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार और निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग सौंपा गया है। सरकार ने विभागों का वितरण कर प्रशासनिक जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी हैं।