“राज्यपाल ने वही पढ़ा जो सरकार ने लिख दिया, 10 साल से वही रटा-रटाया भाषण सुन रहा हूं” – तेजस्वी यादव

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है। इससे पहले सोमवार को विधान मंडल के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 02, 2026, 2:17:00 PM

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है। इससे पहले सोमवार को विधान मंडल के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। सेंट्रल हॉल में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत सत्ता और विपक्ष के तमाम सदस्य मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर सदन पहुंचे।

कार्यवाही समाप्त होने के बाद तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने वही भाषण पढ़ा, जो सरकार ने लिखकर दिया था। इसमें कुछ भी नया नहीं था। पिछले दस वर्षों से एक ही तरह का भाषण सुनने को मिल रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार के भाषण में हरियाली तो दिखाई जाती है, लेकिन जमीनी सर्वे में उसकी कोई झलक नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि एनडीए के चुनावी घोषणा पत्र का कंटेंट ही राज्यपाल के अभिभाषण में भर दिया गया।

तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्यपाल कोई भी हों, लेकिन भाषण वही रटा-रटाया होता है। बिहार में दिनदहाड़े रेप, मर्डर और हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं। विकास के मामले में बिहार देश में सबसे पिछड़ा राज्य है, लेकिन अपराध और भ्रष्टाचार में आगे है। शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी और रोजगार हर मोर्चे पर सरकार विफल साबित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल के भाषण में बजट को लेकर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई।

आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि बजट में कुछ भी नया नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि चुनावी राज्य के हिसाब से वित्त मंत्री की साड़ी बदल जाती है। पहले बिहार चुनाव से पहले मिथिला की साड़ी पहनी गई, अब तमिलनाडु चुनाव के कारण वहां की साड़ी।

नीट छात्रा हत्या कांड की सीबीआई जांच पर तेजस्वी यादव ने कहा कि नवरुणा कांड और सृजन घोटाले में सीबीआई क्या कर पाई, सब जानते हैं। यह जांच सिर्फ खानापूर्ति है। छात्रा को न्याय दिलाना बड़ी चुनौती है और विपक्ष उसकी आवाज बनकर सरकार से जवाब मांगता रहेगा।