बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।करीब दो दशक तक मुख्यमंत्री रहने के बाद अब Nitish Kumar का राज्यसभा जाना लगभग तय हो गया है। लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुद इसकी पुष्टि कर दी है। इस फैसले के साथ ही साफ हो गया है कि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा, जिससे बिहार की सत्ता की तस्वीर बदल सकती है।
लगातार कई कार्यकाल तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके बाद बिहार की कमान किसे सौंपी जाएगी। यानी बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इसी बीच केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री वही बनेगा, जिसे नीतीश कुमार की सहमति और मर्जी मिलेगी। गिरिराज सिंह ने कहा कि एनडीए में नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है और जो भी फैसला होगा, वह नीतीश कुमार की राय और सहमति से ही होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि नीतीश कुमार करीब तीन साल पहले ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की इच्छा जता चुके थे। उस समय बिहार में चुनाव होने वाले थे, इसलिए उन्होंने जिम्मेदारी निभाने का फैसला किया था। लेकिन अब वह अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं और आगे जो भी एनडीए की सरकार बनेगी, वह उनके मार्गदर्शन में ही काम करेगी।
वहीं विपक्ष पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने Tejashwi Yadav और उनकी पार्टी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो लोग कल तक नीतीश कुमार की लगातार आलोचना कर रहे थे, वही आज अचानक उनके प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं।
ऐसे में साफ है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है, जहां अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह आने वाले दिनों में सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल बनने वाला है।