वेतन पर आवाज उठाना पड़ा भारी: सोशल मीडिया पोस्ट पर बिहार के कई शिक्षकों को मिला नोटिस

शिक्षकों के लिए वेतन न मिलना पहले से ही बड़ी समस्या है, लेकिन अब इस पर बात करना भी मुश्किल होता जा रहा है। सोशल मीडिया पर बने शिक्षक समूहों में वेतन को लेकर चर्चा करना कई शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 14, 2025, 3:52:00 PM

शिक्षकों के लिए वेतन न मिलना पहले से ही बड़ी समस्या है, लेकिन अब इस पर बात करना भी मुश्किल होता जा रहा है। सोशल मीडिया पर बने शिक्षक समूहों में वेतन को लेकर चर्चा करना कई शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने या नाराजगी जताने पर शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

पटना जिले में ऐसे पांच मामले सामने आए हैं, जहां शिक्षकों ने अपने निजी व्हाट्सएप ग्रुप में वेतन में देरी को लेकर बातचीत की और उसी बातचीत के आधार पर उन्हें शो-कॉज नोटिस भेजा गया। शिक्षा विभाग इन ग्रुपों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और ग्रुप में की गई टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट अधिकारियों तक पहुंच रहे हैं।

10 दिसंबर को बिक्रम प्रखंड के एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक को नोटिस दिया गया। उन्होंने अपने योगदान के बाद से अब तक वेतन नहीं मिलने की बात शिक्षक समूह में लिखी थी। इसके बाद उनके संदेशों के स्क्रीनशॉट लगाकर डीपीओ स्थापना कार्यालय की ओर से उनसे जवाब मांगा गया। इससे पहले 12 नवंबर को खुसरूपुर के चौरा मध्य विद्यालय के एक शिक्षक को भी वेतन भुगतान से जुड़ी चर्चा के कारण शो-कॉज किया गया था।

इन घटनाओं के बाद शिक्षकों में डर और असमंजस का माहौल है। एक तरफ वेतन में देरी जैसी गंभीर समस्या बनी हुई है, तो दूसरी ओर उस पर बात करने से कार्रवाई का खतरा खड़ा हो गया है। इसका असर शिक्षकों की आपसी बातचीत, एकजुटता और भरोसे पर भी पड़ रहा है।

शिक्षकों का कहना है कि विभाग को बातचीत रोकने के बजाय वेतन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि उन्हें अपनी जायज परेशानी बताने में डर न लगे।