राबड़ी देवी पर टिप्पणी को लेकर नीतीश पर भड़के तेजस्वी, बोले– मुख्यमंत्री की भाषा असंवेदनशील और लोकतंत्र के खिलाफ

बिहार विधानसभा और राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 10, 2026, 1:52:00 PM

बिहार विधानसभा और राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली से पटना लौटते ही तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए हाल ही में विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच हुई नोंक-झोंक पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी।

तेजस्वी यादव ने कहा कि सदन में राबड़ी देवी द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री की भाषा न केवल विवादास्पद थी, बल्कि महिलाओं और वरिष्ठ नेताओं के प्रति असंवेदनशील भी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि किसी पूर्व महिला मुख्यमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना कतई शोभनीय नहीं है। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संयम, मर्यादा और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा होती है।

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि गंभीर मुद्दों पर सोच-समझकर जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का सहारा लिया गया। यह न केवल सदन की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करता है।

इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उम्र और स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ बीमारियां आती हैं और मुख्यमंत्री पहले भी इलाज के लिए विदेश जा चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उम्र और स्वास्थ्य का असर उनके फैसलों और व्यवहार पर नहीं पड़ रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सदन में मुख्यमंत्री का माइक बंद किया जाना और पीछे बैठे लोगों द्वारा उन्हें गाइड करना यह दिखाता है कि वे अपने फैसलों और भाषणों को लेकर आत्मविश्वास में नहीं हैं।

तेजस्वी यादव ने दो टूक कहा कि लोकतंत्र में भाषा और व्यवहार की अहम भूमिका होती है। मुख्यमंत्री का रवैया न केवल महिला नेताओं के प्रति असम्मानजनक था, बल्कि यह पूरे सदन और जनता के प्रति भी अनुचित है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या इस तरह के व्यवहार पर कोई जवाबदेही तय होगी।

अंत में तेजस्वी ने कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है। अगर सरकार और मुख्यमंत्री की भाषा व व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, तो इसका सीधा राजनीतिक असर पड़ेगा। विपक्ष का काम सरकार पर नजर रखना है और वह यह जिम्मेदारी निभाता रहेगा। तेजस्वी यादव की इस प्रतिक्रिया ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिस पर जनता की नजरें टिकी हुई हैं।