बंगाल चुनाव में निष्पक्षता पर उठे सवाल, डायमंड हार्बर के पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज

बंगाल चुनाव में निष्पक्षता पर उठे सवाल, डायमंड हार्बर के पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 25, 2026, 12:21:00 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए डायमंड हार्बर जिले के पांच पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयोग ने इन अधिकारियों पर चुनावी ड्यूटी के दौरान गंभीर अनियमितताओं और निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

आयोग द्वारा राज्य के मुख्य सचिव को भेजे गए निर्देश में जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई, एसडीपीओ सजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने के प्रभारी मौसम चक्रवर्ती, फलता थाने के प्रभारी अजय बाग और उस्थी थाने की प्रभारी सुभेच्छा बाग शामिल हैं। आयोग ने इन सभी को तत्काल निलंबित करने और कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर सौंपने को कहा है।

इसके अलावा, डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक इशानी पाल को भी चेतावनी जारी की गई है। आयोग का कहना है कि उन्होंने चुनाव से जुड़े संवेदनशील मामलों में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों की निगरानी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में पर्याप्त सख्ती नहीं दिखाई।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदान में भारी भागीदारी पर संतोष जताया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में करीब 91.91 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। कई जिलों में मतदान का प्रतिशत 90 के पार पहुंच गया, जिसमें दक्षिण दिनाजपुर सबसे आगे रहा। इसके बाद कूच बिहार, बीरभूम, जलपाईगुड़ी और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी बेहद उच्च मतदान दर्ज किया गया।

राज्य में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है, जबकि शेष 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 4 मई को निर्धारित है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर भी एक ही चरण में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुए इस चुनाव में जहां एक ओर रिकॉर्ड मतदान ने लोकतंत्र की मजबूती का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर आयोग की कार्रवाई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई को सख्ती से लिया जाएगा।