बिहार में दही-चूड़ा के बहाने सियासत तेज, रत्नेश सादा के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे CM नीतीश

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बिहार में पारंपरिक दही-चूड़ा भोज के साथ राजनीतिक सरगर्मी भी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता रत्नेश सदा के आवास पर भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 14, 2026, 1:56:00 PM

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बिहार में पारंपरिक दही-चूड़ा भोज के साथ राजनीतिक सरगर्मी भी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता रत्नेश सदा के आवास पर भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है। इस आयोजन को जेडीयू की ओर से किया गया है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।

सुबह से ही रत्नेश सदा के आवास पर नेताओं और कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया।

 इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल, जेडीयू के वरिष्ठ नेता, एनडीए गठबंधन के कई मंत्री और पदाधिकारी भी भोज में शामिल होने पहुंचे। भोज के दौरान पारंपरिक माहौल के साथ-साथ राजनीतिक मुलाकातों और चर्चाओं ने भी कार्यक्रम को खास बना दिया।

मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित इस दही-चूड़ा भोज को सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज की अपनी अलग पहचान रही है, जहां पर्व के बहाने राजनीतिक संदेश भी दिए जाते हैं। रत्नेश सदा के आवास पर हुए इस आयोजन को एनडीए की एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

इस अवसर पर रत्नेश सदा ने प्रदेश की जनता और मीडिया कर्मियों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से वे लगातार दही-चूड़ा भोज का आयोजन करते आ रहे हैं। दो बार यह आयोजन निजी तौर पर किया गया था, लेकिन इस बार माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुमति लेकर जेडीयू परिवार की ओर से इसे आयोजित किया गया है।

रत्नेश सदा ने आगे बताया कि इस दही-चूड़ा भोज में जेडीयू परिवार की ओर से एनडीए गठबंधन के सभी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल पर्व मनाने का नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक एकता का भी संदेश देता है। मकर संक्रांति के इस मौके पर बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज एक बार फिर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।