यूजीसी बिल 2026 को लेकर सियासी घमासान, पटना में प्रदर्शन का ऐलान, बिहार सरकार ने जताई नरमी

यूजीसी बिल 2026 को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी कड़ी में आज राजधानी पटना में भी इस कानून के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 28, 2026, 10:21:00 AM

यूजीसी बिल 2026 को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी कड़ी में आज राजधानी पटना में भी इस कानून के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया है। दोपहर 1 बजे दिनकर गोलंबर पर ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन और स्वर्ण समाज एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह बिल उच्च शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा और छात्रों के हितों के खिलाफ है।

वहीं, बिहार में यूजीसी बिल 2026 को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद ने इस कानून का खुलकर समर्थन किया है। राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि यूजीसी कानून 2026 आरक्षित वर्गों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। उन्होंने दावा किया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इस मामले में गठित समिति ने जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसी के आधार पर यह कानून लाया गया है।

शक्ति यादव ने कहा कि जब देश में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू किया गया, तब किसी ने विरोध नहीं किया। लेकिन अब जब दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के हित में कानून लाया गया है, तो कुछ खास वर्ग हाय-तौबा मचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर इस मुद्दे को तूल देकर देश में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि यह मामला सीधे तौर पर छात्रों और सामाजिक न्याय से जुड़ा हुआ है।

इधर, राजद नेता तेज प्रताप यादव ने भी यूजीसी बिल 2026 का समर्थन करते हुए इसे सामाजिक समानता की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है। वहीं, भाजपा और उसके सहयोगी दलों की चुप्पी पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।

फिलहाल, यूजीसी बिल 2026 को लेकर सड़क से सदन तक सियासी हलचल तेज है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गरमाने के आसार हैं।