पटना NEET छात्रा मामला: पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आई पूरी कहानी, कई अहम राज़ से उठा पर्दा

राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ दुष्कर्म और संदिग्ध मौत के मामले में पटना पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 04, 2026, 5:18:00 PM

राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ दुष्कर्म और संदिग्ध मौत के मामले में पटना पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। पटना IG जितेंद्र राणा, SSP कार्तिकेय के. शर्मा और सिटी SP ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए अब तक की जांच की स्थिति से अवगत कराया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता के परिजनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिवत अनुसंधान शुरू किया गया है। मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। हॉस्टल परिसर और उसके आसपास लगे सभी CCTV कैमरों के फुटेज को सुरक्षित कर खंगाला गया है। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से वैज्ञानिक जांच भी कराई गई है।

जांच के दौरान हॉस्टल के गार्ड, वार्डन, अन्य छात्राओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के कमरे से एक दवा बरामद हुई है, जबकि परिजनों द्वारा पीड़िता के पांच कपड़े भी जांच के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि परिजनों के अनुसार छात्रा की उम्र 18 वर्ष से कम थी, जिसे जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

SSP ने स्वीकार किया कि चित्रगुप्त नगर थाना की SHO स्तर पर लापरवाही पाई गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की गई है। वहीं SDPO सचिवालय-1 अनु कुमारी ने जानकारी दी कि अनुसंधान के दौरान अस्पताल से "लामा रिपोर्ट" भी जब्त की गई है, जिसे केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है।

लड़की 5 जनवरी को अपनी दोस्त के साथ हॉस्टल में आई थी। सब कुछ नॉर्मल था। परिवार मामले में केस दर्ज नहीं करवाना चाहता था। सिटी SP (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि पीड़िता ने पटना लौटते समय अरवल मोड़ के पास दवा खरीदी थी और उसी का सेवन किया था। इस पहलू की भी मेडिकल और फॉरेंसिक स्तर पर जांच की जा रही है।

SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया, घटना के बारे में सबसे पहले पीड़िता के परिवार को जानकारी दी गई थी। लड़की के साथ यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता है। परिवार ने हमें लड़की के 5 कपड़े दिए थे। एक कपड़े से स्पर्म मिला

हॉस्टल के DVR को सीज किया गया। इसके बाद उसके वीडियो की जांच करवाई गई। 5 जनवरी को दोपहर को छात्रा अपनी एक दोस्त के साथ कमरे में जाती दिखी थी।

इसके बाद वो 2 मिनट के कमरे से बाहर आई। इसके बाद वो अपने कमरे से बाहर नहीं निकली। 6 जनवरी को लड़की को नाश्ते के लिए आवाज दी गई। उसने आवास नहीं दी। इसके बाद हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा खोला।

हॉस्टल पहुंचने से पहले लड़की पटना जंक्शन के CCTV कैमरे में हुई थी। जिस ऑटो से वो हॉस्टल पहुंची उसके ड्राइवर से भी बात की गई।