ओसामा शहाब को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने सीवान कोर्ट का ऑर्डर पलटा, आज पटना गिरफ्तार करने पहुंची थी पुलिस

पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के पुत्र और सीवान के रघुनाथपुर से विधायक राजद विधायक ओसामा शहाब को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटना हाईकोर्ट ने राजद विधायक की गिरफ्तारी वारंट पर तत्काल रोक लगा दी है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 13, 2026, 5:41:00 PM

पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के पुत्र और सीवान के रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटना हाईकोर्ट  ने राजद विधायक की गिरफ्तारी वारंट पर तत्काल रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने सीवान कोर्ट के फैसले को पलटते हुए ओसामा के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के फैसले से ठीक पहले पटना में उनके आवास पर गिरफ्तार करने सीवान पुलिस पहुंच चुकी थी। ऐसे में ओसामा शहाब को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

दरअसल मामला सीवान के महादेवा में एक जमीनी विवाद से जुड़ा है, जिसमें एक डॉक्टर दंपति ने FIR दर्ज कराई थी। पटना हाईकोर्ट के फैसले से ठीक पहले  बुधवार को पटना में उनके आवास पर गिरफ्तार करने सीवान पुलिस पहुंच चुकी थी। सीवान SP अजय कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित MLA फ्लैट में छापेमारी की। हालांकि, ओसामा अपने सरकारी आवास पर मौजूद नहीं हैं। आवास के अंदर राजद विधायक के कुछ करीबी लोग मौजूद थे, जिनसे पूछताछ की गई। उनलोगों ने पुलिस को बताया कि मामले में कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। इसके बाद पुलिस ने स्टे से संबंधित दस्तावेज मांगे।

जमीन विवाद और रंगदारी से जुड़े एक आपराधिक मामले में पटना हाईकोर्ट ने राजद विधायक ओसामा शहाब के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने ओसामा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए केस डायरी की मांग की है। 

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता और तथ्यों को समझने के लिए केस डायरी का अवलोकन आवश्यक है। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वे जल्द से जल्द संबंधित दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। विधायक ओसामा शहाब की ओर से कोर्ट में दलीलें पेश की गईं, जिसके बाद पीठ ने पुलिस की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने का निर्णय लिया।

बता दें कि शिकायतकर्ता डॉ. सुधा सिंह ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 में खरीदी गई जमीन पर ओसामा शहाब और उनके सहयोगियों ने जबरन कब्जा करने, निर्माण कार्य रुकवाने तथा मारपीट करने की कोशिश की। प्राथमिकी में फरहान, शब्बीर समेत अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामला पूरी तरह सिविल प्रकृति का है, जिसे दबाव बनाने के उद्देश्य से आपराधिक रंग दिया गया है। 

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि प्राथमिकी में ओसामा शहाब के खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप नहीं है तथा 30-35 अज्ञात लोगों का सामान्य उल्लेख किया गया है। सिवान के सत्र न्यायाधीश ने 28 अप्रैल 2026 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब आज पटना हाईकोर्ट ने  सीवान कोर्ट के फैसले को पलटते हुए ओसामा के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद राजद विधायक के समर्थकों में जश्न का माहौल है।