पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई है। महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर पप्पू यादव पर एफआईआर दर्ज हो गई है। जदयू नेत्री की ओर से यह शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के आधार परपटना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 'नेताओं के कमरे में गए बिना 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती हैं' पप्पू यादव का यह बयान उनपर भारी पड़ रहा है।
दरअसल पूर्णिया के निर्दलीय सांसद ने पप्पू यादव ने कहा था कि 'नेताओं के कमरे में गए बिना 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती हैं'। उनके इस विवादित बयान पर काफी हंगामा हो रहा है। विभिन्न दलों और महिला संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। अब जदयू की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। जदयू की प्रदेश सचिव और राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य रीना चौधरी (रीना राय चौधरी) ने पटना के शास्त्रीनगर थाना में पप्पू यादव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
जदयू नेता रीना चौधरी ने अपनी शिकायत में पप्पू यादव पर सार्वजनिक रूप से महिलाओं की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा-सांसद ने न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि देश सेवा की आकांक्षा रखने वाली महिलाओं के लिए शत्रुतापूर्ण और निराशाजनक माहौल बनाने का कुत्सित प्रयास किया है। शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने इस शिकायत पर कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।
इससे पहले पप्पू यादव के इस विवादित बयान पर बिहार राज्य महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पप्पू यादव के बयान को 'अमर्यादित' और 'स्त्री विरोधी' बताते हुए सांसद को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष से पप्पू यादव की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है।
बता दें कि पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बीते दिनों कहा था कि राजनीतिक दलों के कुछ नेता महिलाओं को गलत नजर से देखते हैं और उनका शोषण करते हैं। नेताओं के कमरे में गए बिना 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती हैं। पप्पू यादव के इस विवादित बयान के बाद देश भर में बवाल मचा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।