पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन और समर्पण का अनुपम आदर्श : संजय सरावगी

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि 'समर्पण दिवस' पर आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 11, 2026, 3:47:00 PM

पटना: पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि 'समर्पण दिवस' पर आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 

‎इस मौके पर भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी,उप मुख्यमंत्री  विजय कुमार सिन्हा,संगठन महामंत्री भिखू भाई दालसानिया क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी भाजपा प्रदेश कार्यालय में राष्ट्र चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें कोटिशः नमन कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।  

‎भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि आज उस महापुरुष की पुण्यतिथि है जिसने अंत्योदय की कल्पना की और राष्ट्र निर्माण का सपना देखा। उनका सम्पूर्ण जीवन प्रेरणा का स्रोत है और हमें सेवा, समर्पण एवं ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कर्तव्यपथ पर अग्रसर रहने का संकल्प प्रदान करता है।  

‎भाजपा अध्यक्ष सरावगी ने कहा, "पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन और समर्पण का अनुपम आदर्श था। उनका 'अंत्योदय दर्शन' वंचितों के उत्थान के लिए पथ-प्रदर्शक है।"

‎उन्होंने कहा कि उनका जो मार्गदर्शन था और जो विचारधारा थी, उस विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरी पार्टी कर रही है।  

‎ इस मौके पर बिहार के उप मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी  ने कहा कि जब भी मानवता के कल्याण की बात होगी, दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव दर्शन प्रासंगिक रहेगा। सामाजिक जीवन में एक नेता को कैसा होना चाहिए, भारत के लोकतंत्र और मूल्यों को कैसे जीना चाहिए,  दीनदयाल उपाध्याय इसके भी बहुत बड़ा उदाहरण हैं।  

‎उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को केंद्र में रखने वाला उनका विचार-दर्शन समरसता, आत्मनिर्भरता और मूल्यनिष्ठ राष्ट्र निर्माण की सशक्त प्रेरणा देता है।

‎उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने सन 1953 से 1968 तक भारतीय जनसंघ के नेता रहे। वे एक गम्भीर दार्शनिक एवं गहन चिंतक होने के साथ समर्पित संगठनकर्ता और नेता थे। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत शुचिता एवं गरिमा के उच्चतम आयाम स्थापित किये। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय से ही वे वैचारिक मार्गदर्शक और नैतिक प्रेरणा-स्रोत रहे हैं। 

‎उनका राजनीतिक दर्शन मानव हित में शासकीय कौशल का मार्ग प्रशस्त करने वाला चहुंमुखी वैकल्पिक जीवन दर्शन है।

‎भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य  एवं महान राष्ट्र चिंतक दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि "समर्पण दिवस" पर बिहार भाजपा कार्यालय में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार सरकार में मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, राम कृपाल यादव, शंकर प्रसाद सिंह, प्रमोद चंद्रवंशी, प्रदेश संगठन महामंत्री भिखू भाई दालसानिया, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, विधायक जीवेश मिश्रा, रोहित पांडे, त्रिविक्रम नारायण सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभू,अमृता भूषण राठौर सहित कई विधायक, भाजपा नेता, प्रदेश पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम के संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभू थे जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने किया। 

‎पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के मौके पर आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा ने पटना राजेंद्र नगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।  इस मौके पर भाजपा के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।