नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले पर पार्टी कार्यकर्ताओं के बढ़ते आक्रोश, हो रहे धरना प्रदर्शन, फैसले पर पुनर्विचार की मांग पर जदयू मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का बड़ा बयान- कार्यकर्ताओं ने पार्टी को खड़ा किया है. उनकी बात सुन कर रास्ता निकालना होगा. नीतीश फैसले पर पुनर्विचार करेंगे या नहीं यह नीतीश को तय करना है. राज्यसभा जाने से पार्टी नेताओं कार्यकर्ताओं और जनता में अविश्वास पैदा हो गया है क्योंकि नीतीश के नाम पर एनडीए को प्रचंड जनादेश मिला. यह भी जल्दी तय हो की नीतीश की विरासत को कौन संभालेगा? निशांत पर निर्णय नीतीश को ही लेना है
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि नीतिश जी के फैसले से सब कोई दुखी हैं. नीतीश कुमार हम सब के नेता हैं, उनके फैसले के साथ हमलोग हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मुझे पद की चाहत नहीं है. नीतीश कुमार ने बहुत कुछ दिया है. श्रवण कुमार ने ये भी कहा कि निशांत कुमार बहुत जल्द राजनीति में आएंगे.
जदयू नेता अमरेंद्र दास त्रिलोक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठते हुए कहा, “हमारी सिर्फ एक ही मांग है कि हमारे नीतीश भइया बिहार में ही रहें और केंद्र की राजनीति में न जाएं. 2005 के बाद उन्होंने राज्य को बदलने के लिए बहुत मेहनत की है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन से अपील करता हूं कि आप लोग केंद्र में रहें और नीतीश कुमार को बिहार में ही रहने दें. बिहार अभी अच्छा कर रहा है, यहां शांति है और अगर कोई शांति भंग करने की कोशिश करता है तो उस पर कार्रवाई होती है. अगर नीतीश कुमार यहां से चले गए तो बिहार फिर से अंधकार युग में लौट जाएगा.”
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं. उनके नाम पर NDA को प्रचंड जनादेश मिला है. जिस तरह से BJP अपना CM बनाने के लिए उनको राज्यसभा भेज रही है इसको लेकर जदयू विधायकों में नाराजगी है. बड़ी टूट हो सकती है. इन सब को देखते हुए हमें लगता है कि नीतीश बड़ा फैसला कर सकते हैं. नीतीश को लेकर राजद सहानुभूति रखती है.
बता दें नीतीश ने राज्यसभा के लिए नामांकन कर दिया है. नौ मार्च तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं. 16 मार्च को वोटिंग होगी.