बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अचानक जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे से जहां जदयू कार्यकताओं में भारी उत्साह देखने को मिला वहीं सियासी गलियारे में चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया। नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना स्थित पार्टी दफ्तर का निरीक्षण किया और वहां शुरू होने जा रहे जनता दरबार और जनसुनवाई व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं उनके बेटे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया।
दरअसल जेडीयू दफ्तर में आज से जनता दरबार और जनसुनवाई कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है, जहां मंत्री और वरिष्ठ नेता आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। इसी व्यवस्था की तैयारियों को देखने के लिए नीतीश कुमार सुबह-सुबह पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। नीतीश कुमार ने जनसुनवाई वाले कमरे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डिप्टी सीएम विजय चौधरी, मंत्री शीला मंडल और मंत्री बुलो मंडल समेत कई नेता जनता दरबार में मौजूद रहेंगे। यहां जनता अपनी समस्याएं सीधे मंत्रियों और नेताओं के सामने रख सकेगी। इस दौरान मीडिया ने जब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने बिना जवाब दिए हाथ जोड़कर नमस्कार किया और निकल गए।
नीतीश कुमार ने पार्टी कार्यालय में उस कमरे का भी निरीक्षण किया जहां जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने व्यवस्था, बैठने की जगह और लोगों की सुविधा को लेकर भी जानकारी ली। इस दौरान कार्यकताओं ने नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए और नीतीश कुमार ने सबको प्रणाम करते हुए अभिवादन स्वीकार किया। बताया जा रहा है कि एक कार्यकर्ता ने नीतीश कुमार का पैर छूने का कोशिश किया तो नीतीश कुमार ने कहा कि अरे पैर मत छूओ। वहीं मंत्री शीला मंडल से नीतीश कुमार कहते नजर आए कि हो गया ना तुमको, ठीक से काम कर रही हो ना।
बता दें कि जेडीयू कार्यालय से बाहर निकलते वक्त मीडिया ने जब नीतीश कुमार से उनके बेटे और मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। नीतीश कुमार हाथ जोड़कर नमस्कार करते हुए वहां से निकल गए। नीतीश कुमार के अचानक जेडीयू दफ्तर पहुंचने को लेकर कई तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं जनता दरबार के जरिए पार्टी संगठन और जनता के बीच संवाद मजबूत करने को लेकर जेडीयू अब एक्टिव मोड में दिखाई दे रही है।