राज्यसभा में नीतीश की नई पारी, बिहार में सत्ता परिवर्तन की पटकथा तैयार

राज्यसभा में नीतीश की नई पारी, बिहार में सत्ता परिवर्तन की पटकथा तैयार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 10, 2026, 12:18:00 PM

बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ सामने आ रहा है, जहां मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार संसद के उच्च सदन में अपनी नई भूमिका की शुरुआत करने जा रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह आज दोपहर राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर संसद परिसर में औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। हाल ही में उन्होंने संकेत दिया था कि अब उनका अधिक समय दिल्ली में बीतेगा, जिससे राज्य की राजनीति में नए नेतृत्व के उभरने की संभावना बढ़ गई है।

शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अहम मुलाकात प्रस्तावित है। इस बैठक में जदयू के प्रमुख नेता ललन सिंह और संजय झा भी शामिल रहेंगे। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि इस दौरान बिहार में बनने वाली नई एनडीए सरकार की संरचना को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हो सकता है, जिसमें मंत्रिपरिषद के गठन और संभावित चेहरों पर मंथन शामिल होगा।

राज्यसभा में प्रवेश से पहले नीतीश कुमार दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक भी करने वाले हैं। इस बैठक में जदयू की भविष्य की रणनीति और बिहार में सरकार गठन की दिशा पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी के भीतर से भी संकेत मिले हैं कि अगले कुछ दिनों में राजनीतिक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली प्रवास के बाद नीतीश कुमार पटना लौटकर राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक बुला सकते हैं। इसके पश्चात एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की घोषणा किए जाने की संभावना है। इसके बाद वे औपचारिक रूप से राज्यपाल को इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिससे नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

इस बीच, बिहार में नई सरकार के स्वरूप को लेकर अटकलें तेज हैं। यह माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में नए और पुराने चेहरों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी, साथ ही सहयोगी दलों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।

यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार आज ही शाम तक पटना लौट सकते हैं, जहां वे विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं। अनुमान है कि मध्य अप्रैल तक राज्य में नई सरकार का गठन संभव है।

नीतीश कुमार का यह कदम न केवल उनके राजनीतिक करियर में बदलाव का संकेत है, बल्कि बिहार की सत्ता संरचना में भी बड़े फेरबदल की भूमिका तैयार कर रहा है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति का केंद्र रहे नीतीश अब राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।