सादगी के लिए मशहूर नीतीश कुमार अब हाई-सिक्योरिटी रेंज रोवर में करेंगे सफर, काफिले में शामिल होंगी 4 नई गाड़ियां

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री अब बुलेटप्रूफ और हाईटेक रेंज रोवर गाड़ी में सफर करेंगे

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 03, 2026, 7:44:00 PM

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री अब बुलेटप्रूफ और हाईटेक रेंज रोवर गाड़ी में सफर करेंगे। राज्य सरकार मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए रेंज रोवर की खरीद प्रक्रिया में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, सरकार सिर्फ एक नहीं बल्कि कुल चार रेंज रोवर गाड़ियां खरीदने की योजना बना रही है। बताया जा रहा है कि एक गाड़ी की कीमत 2.5 करोड़ रुपये से भी अधिक होगी। ये सभी गाड़ियां पूरी तरह बुलेटप्रूफ होंगी और अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस रहेंगी।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि उच्च सुरक्षा मानकों के तहत यह फैसला लिया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने आधिकारिक दौरों के दौरान हाई-सिक्योरिटी रेंज रोवर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए इस तरह की गाड़ी लेना सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश के अनुरूप कदम माना जा रहा है।

हालांकि यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब तक अपनी सादगी भरी जीवनशैली के लिए पहचाने जाते रहे हैं। वे अक्सर इलेक्ट्रिक वाहनों और भारतीय कंपनियों द्वारा निर्मित गाड़ियों में नजर आते रहे हैं। लग्जरी और हाई-एंड एसयूवी से उन्होंने हमेशा दूरी बनाए रखी है।

ऐसे में पहली बार उनका रेंज रोवर जैसी महंगी और लग्जरी गाड़ी में सफर करना खास माना जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस फैसले को किसी भी तरह से लग्जरी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह पूरी तरह मुख्यमंत्री की सुरक्षा जरूरतों और मौजूदा खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया निर्णय है।

अधिकारियों के अनुसार, रेंज रोवर को दुनिया की सबसे सुरक्षित और अत्याधुनिक तकनीक से लैस गाड़ियों में गिना जाता है। VVIP मूवमेंट के लिए इसमें बुलेट प्रूफ बॉडी, मजबूत संरचना, एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स होते हैं। यही वजह है कि कई राज्यों के मुख्यमंत्री और देश के बड़े नेता इस तरह की गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं।

सूत्रों का कहना है कि गाड़ियों की खरीद से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है। तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद इन गाड़ियों को जल्द ही मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा को और मजबूत करना है।